बड़कागांव CHC में जबरन रक्तदान को लेकर बवाल—स्वास्थ्य कर्मी के परिजनों ने चिकित्सा प्रभारी पर लगाया गंभीर आरोप, वीडियो वायरल


Dinesh Kumar Soni | HF NEWS 24

बड़कागांव : बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान को लेकर बुधवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। एक स्वास्थ्य कर्मी के परिजनों ने चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश कुमार पर “जबरन रक्तदान का दबाव बनाने” और “अभद्र व्यवहार” करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परिजन चिकित्सा प्रभारी से उलझते और धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं।


राज्यभर में चल रहे रक्तदान अभियान के बीच बड़कागांव में विवाद

झारखंड सरकार द्वारा 12 से 28 नवंबर तक चलाए जा रहे राज्यव्यापी रक्तदान अभियान के तहत मंगलवार को बड़कागांव CHC में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था।
इसी क्रम में बुधवार को अचानक माहौल तब गर्म हो गया जब शिबाडीह निवासी वरुण पांडेय के बेटे अंकित कुमार और उनके परिजन अस्पताल पहुंचे और आरोप लगाया कि—

“बीपी की समस्या से पीड़ित अरुण पांडेय से जबरन रक्त देने के लिए कहा जा रहा था।”

इस आरोप को लेकर परिजन जोर-जोर से नारेबाजी करते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे।


घटना के दौरान चिकित्सा प्रभारी अस्पताल में मौजूद नहीं थे

सूत्रों के अनुसार, विवाद के समय चिकित्सा प्रभारी अस्पताल में नहीं थे, बल्कि नजदीकी निजी क्लिनिक में मरीज देख रहे थे।
परिवार के लोग वहां भी पहुंच गए और वहां भी बहस शुरू हो गई।
जानकारी मिलने पर डॉ. अविनाश उन्हें स्वास्थ्य केंद्र चलकर बात करने को कहते दिखे, लेकिन रास्ते में ही बहस और बढ़ गई।
बाद में अस्पताल परिसर लौटने के बाद भी परिजन शोर-शराबा करते रहे।


कर्मियों का दावा — “दबाव बनाया गया था”

अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि—

  • रक्तदान शिविर में कई कर्मियों से जोर डालकर रक्तदान करवाने की कोशिश की गई,
  • और अरुण पांडेय के साथ चिकित्सा प्रभारी की बातचीत का लहजा भी कठोर था।

कर्मियों का कहना है कि वर्षों से रक्तदान शिविर आयोजित होते रहे हैं, लेकिन इस बार जैसी परिस्थिति पहले कभी नहीं बनी।


डॉ. अविनाश का पक्ष — “जबर्दस्ती का आरोप बेबुनियाद”

चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा—

“अरुण पांडेय पहले से अस्वस्थ थे, उनसे रक्तदान लिया ही नहीं गया। हमारा उद्देश्य सिर्फ लोगों को प्रेरित करना है, दबाव बनाना नहीं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि परिजन बिना किसी ठोस कारण के क्लिनिक और बाद में CHC परिसर में हंगामा करने लगे।
साथ ही डॉ. अविनाश ने ड्यूटी में लापरवाही के लिए होमगार्ड मो. अतुल पर भी सवाल उठाए।


मामले की जांच की मांग

अस्पताल परिसर में लंबे समय तक तनाव का माहौल रहा।
घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और स्थानीय लोगों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के बीच जांच की मांग तेज हो गई है।
विवाद के चलते CHC में कार्य व्यवस्था प्रभावित होती दिखाई दी।


सार

बड़कागांव CHC में रक्तदान शिविर के दौरान हुआ यह विवाद न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जागरूकता कार्यक्रमों में दबाव और गलतफहमी कैसी स्थितियाँ पैदा कर सकती हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या निकलकर सामने आता है।

Editor-in-Chief :  Pankaj Hindustani


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