23 दिनों से लापता दलित बच्ची की बरामदगी की मांग को लेकर उमड़ा जनसैलाब
अध्यक्ष बबलू मेहरा के नेतृत्व में प्रशासन को चेतावनी—“न्याय मिलने तक संघर्ष जारी”
प्रबंध संपादक: आलोक राज | HF NEWS 24
हजारीबाग।
दलित समाज की 23 दिनों से लापता बच्ची की बरामदगी की मांग को लेकर भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के आह्वान पर रविवार को अम्बेडकर चौक से सदर थाना तक एक विशाल प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आमजन शामिल हुए। लोगों का संकल्प था—“न्याय के बिना यह आंदोलन नहीं रुकेगा।”
बबलू मेहरा के नेतृत्व में जुटी भारी भीड़
प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व भीम आर्मी अध्यक्ष दारू एवं समाजसेवी बबलू मेहरा ने किया।
उनके साथ कार्यक्रम में प्रमुख रूप से—
- प्रदेश अध्यक्ष: संजय रविराज
- जिला अध्यक्ष: कृष्णा कुमार (एडवोकेट)
- दर्जनों जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी
उपस्थित रहे।
मार्च के दौरान “बेटी को न्याय दो” और “लापता बच्ची को जल्द खोजो” जैसे नारे गूंजते रहे।
मुख्य मांगें—विशेष टीम गठित हो, जांच पारदर्शी हो
भीम आर्मी ने प्रशासन के समक्ष निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
✔ 1. लापता बच्ची की खोज के लिए तुरंत विशेष टीम गठित हो।
✔ 2. जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए और हर प्रगति पीड़ित परिवार को बताई जाए।
✔ 3. भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम हेतु निगरानी और सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए।
नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि बच्ची के परिजनों को न्याय दिलाना केवल संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है।
भीम आर्मी की चेतावनी—“रोडमैप तय, संघर्ष तेज होगा”
नेताओं ने स्पष्ट कहा—
“यदि प्रशासन शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाता है, तो आंदोलन और व्यापक व तेज़ रूप लेगा। न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।”
जिला और प्रखंड स्तरीय टीमों की व्यापक उपस्थिति
मार्च में जिले और विभिन्न प्रखंडों की टीमों ने उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की, जिनमें—
जिला स्तर
- जिला सचिव: अरबिंद कुमार दास
- नरेश राम
- उपाध्यक्ष: उमेश कुमार
- कामिल भाई
- कुंदन कुमार दास
- राहुल अम्बेडकर
प्रखंड स्तर
- दारू: अध्यक्ष बबलू मेहरा एवं उनकी टीम
- कटकमसांडी: अध्यक्ष प्रकाश दास एवं उनकी टीम
- केरेडारी: अध्यक्ष पप्पू कुमार दास एवं उनकी टीम
- चुरचू: प्रखंड प्रभारी शुनिल कुमार दास एवं उनकी टीम
- इचाक: प्रखंड प्रभारी सुधीर कुमार दास एवं उनकी टीम
- बरही: अध्यक्ष लक्ष्मण राव एवं उनकी टीम
सभी ने एक स्वर में कहा—
“जब तक बच्ची सुरक्षित बरामद नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”
समापन
हजारीबाग में यह प्रतिवाद मार्च न केवल जनसंगठन की शक्ति का प्रतीक रहा, बल्कि प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि दलित समाज की इस पीड़ित बच्ची के लिए न्याय की माँग अब पूरे जिले की सामूहिक आवाज़ बन गई है। आने वाले दिनों में भीम आर्मी की रणनीति और आंदोलन की तीव्रता पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
Editor-in-Chief : Pankaj Hindustani
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