✍️ Alok Raj | Managing Editor | HF News 24
विष्णुगढ़: प्रखंड के नरकी पंचायत स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल, नरकी में झारखंड के पितामह एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक बिनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक डिलेश्वर कुमार महतो ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा और क्रांति का प्रतीक हैं। वे झारखंड आंदोलन के जननायक और सच्चे अर्थों में वीर माटीपुत्र थे। उनका मानना था कि किसी भी आंदोलन की सफलता के लिए जागरूकता, एकता और शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने अपने प्रसिद्ध नारे लड़ना है तो पढ़ना सीखो के माध्यम से समाज को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया।
निदेशक ने आगे कहा कि बिनोद बाबू ने अपने जीवनकाल में शिक्षा के प्रसार के लिए कई स्कूल और कॉलेज खुलवाए तथा एकड़ के एकड़ जमीन दान में दी। उनका विश्वास था कि शिक्षा स्वाभिमान की जननी है और हर झारखंडी को शिक्षित होकर सम्मान के साथ जीवन जीना चाहिए, ताकि वह शोषण और अत्याचार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा सके। बिनोद बिहारी महतो आज भी हमारे विचारों और संघर्षों में जीवित हैं और सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं लक्ष्मी कुमारी, नेहा कुमारी, शिक्षक धीरज महतो, रोनल महतो सहित कोमल कुमारी, कल्पना भारती, खुशबू कुमारी तथा विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, प्रेरणा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प से ओत-प्रोत रहा। https://chat.whatsapp.com/GPVSxk0fZqiBY2yKPTZsed?mode=ems_copy_t




