“जीवन – सेवा ही धर्म” : हज़ारीबाग के मनोज रवानी और उनके बेटे सनोज़ सागर समाज के असहायों के लिए बने उम्मीद की सबसे उजली किरण
हज़ारीबाग के मनोज रवानी और उनके पुत्र सनोज़ सागर द्वारा संचालित “जीवन – सेवा ही धर्म” संस्था सड़क पर रहने वाले असहाय, बीमार और मानसिक रूप से कमजोर लोगों की निस्वार्थ सेवा कर रही है। संस्था को वर्तमान में ट्रिमर और गर्म कपड़ों की आवश्यकता है, और समाज से सहयोग की अपील की गई है।

