हजारीबाग/दारू, संवाददाता:
विष्णुगढ़ क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य हत्याकांड के विरोध में सोमवार की शाम दारू में निकाला गया कैंडल मार्च जनआक्रोश और संवेदनशीलता का प्रतीक बन गया। विश्व हिन्दु कल्याण फाउंडेशन, दारू के आह्वान पर आयोजित इस शांतिपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लेकर पीड़िता के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और न्याय की मांग को बुलंद किया।
यह कैंडल मार्च निर्धारित समयानुसार शाम 5 बजे हौंडा शोरूम, दारू से प्रारंभ हुआ और दारू थाना तक निकाला गया। हाथों में जलती मोमबत्तियां और दिल में आक्रोश लिए सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। पूरे मार्ग में “बेटी को न्याय दो”, “दोषियों को फांसी दो” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा।
भावनाओं और आक्रोश का संगम
मार्च के दौरान लोगों के चेहरों पर गहरा दुख और गुस्सा साफ झलक रहा था। कई महिलाओं की आंखें नम थीं, तो युवाओं में आक्रोश स्पष्ट दिखाई दे रहा था। यह कैंडल मार्च केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के भीतर उठ रही उस पीड़ा की अभिव्यक्ति था, जो विष्णुगढ़ की घटना के बाद हर दिल में घर कर गई है।
एकजुट समाज का मजबूत संदेश
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही — सामूहिक भागीदारी। इसमें किसी राजनीतिक दल का झंडा या बैनर नहीं था, बल्कि हर वर्ग के लोग एक साथ खड़े नजर आए। ग्रामीणों, व्यापारियों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर यह संदेश दिया कि जब बात बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की हो, तो पूरा समाज एकजुट हो जाता है।
न्याय की मांग हुई तेज
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए। साथ ही, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और पीड़िता के परिवार को सुरक्षा व उचित सहायता प्रदान करने की भी मांग उठाई गई।
विष्णुगढ़ घटना: जिसने झकझोर दिया जनमानस
ज्ञात हो कि विष्णुगढ़ क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ हुई इस घटना ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है। घटना के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन, बंद और जनआंदोलन देखने को मिल रहे हैं। अब कैंडल मार्च के माध्यम से लोगों ने अपनी भावनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करते हुए न्याय की आवाज को और मजबूत किया है।
प्रशासन पर बढ़ता दबाव
लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और अब कैंडल मार्च के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव और बढ़ गया है। लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कितनी तेजी और गंभीरता से इस मामले में कदम उठाता है।
(HF News 24 | हजारीबाग ब्यूरो)






