धरमपुर प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र के समीप झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद जहां समाज के एक हिस्से की संवेदनहीनता उजागर हुई, वहीं दूसरी ओर इंसानियत और मानवीय संवेदना की मिसाल भी देखने को मिली है।
दारू खरिका निवासी सिकंदर कुमार ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने HF News 24 में प्रकाशित खबर के कमेंट सेक्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—
“इंसानियत को शर्मसार करने वाली बहुत ही दुखद खबर है। लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं कि मनुष्य योनि सब योनियों में सर्वश्रेष्ठ योनि है। अगर ये बच्ची मुझे मिले तो मैं इसे पालने के लिए गोद ले सकता हूं।”
उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग इसे मानवता की सशक्त आवाज के रूप में देख रहे हैं।
समाज में जगी उम्मीद की किरण
ग्रामीणों का कहना है कि जिस समाज में बेटियों को जन्म लेते ही ठुकरा दिया जाता है, उसी समाज में ऐसे लोग भी हैं जो बिना किसी स्वार्थ के एक अनजान बच्ची को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। सिकंदर कुमार की पहल ने यह साबित किया है कि संवेदना और जिम्मेदारी अभी समाज में जीवित है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत ही संभव होगा गोद लेना
जानकारों के अनुसार, किसी भी नवजात को गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है। यदि कोई व्यक्ति बच्ची को गोद लेना चाहता है तो उसे बाल कल्याण समिति (CWC) और संबंधित प्रशासन के माध्यम से आवेदन करना होगा। अंतिम निर्णय बच्ची की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।
HF News 24 विश्लेषण
यह प्रतिक्रिया न केवल एक व्यक्ति की भावनात्मक अभिव्यक्ति है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देती है कि—
“बेटियां बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और भविष्य हैं।”
एक ओर जहां नवजात को झाड़ियों में छोड़ने जैसी अमानवीय घटना सामने आई, वहीं दूसरी ओर सिकंदर कुमार जैसे लोग समाज की अंतरात्मा की आवाज बनकर उभरे हैं।
नोट :
बच्ची से संबंधित कोई भी निर्णय प्रशासन और बाल संरक्षण कानूनों के तहत ही होगा। आम नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें। Editor-in-Chief : Pankaj Hindustani
दारू थाना क्षेत्र के कवालू गांव में थाना प्रभारी मोहम्मद इक़बाल हुसैन के नेतृत्व में पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें साइबर क्राइम, अवैध अफीम खेती, यातायात नियम, नशा मुक्ति और सामाजिक कुरीतियों पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।