डेमोटांड़ स्थित अक्षय पात्रा फाउंडेशन का औचक निरीक्षण, सुधारात्मक निर्देश जारी

प्रशासनिक सख्ती और गुणवत्ता की पड़ताल


बॉयलर-स्टीम कनेक्शन, वेजिटेबल कोल्ड रूम, स्वच्छता और CCTV निगरानी पर विशेष फोकस

HF News 24: डेमोटांड़, हजारीबाग (झारखंड)

डेमोटांड़ स्थित Akshaya Patra Foundation के केंद्रीय रसोईघर का प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्थान की कार्यप्रणाली, आधारभूत संरचना, तकनीकी संसाधन, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल की व्यापक समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

यह निरीक्षण विशेष रूप से इस उद्देश्य से किया गया कि बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।


निरीक्षण के मुख्य बिंदु

1. बॉयलर एवं स्टीम कनेक्शन

रसोई संचालन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बॉयलर और स्टीम कनेक्शन है। निरीक्षण में पाया गया कि कुछ तकनीकी कार्य लंबित हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि

  • स्टीम पाइपलाइन की सुरक्षा जांच नियमित रूप से की जाए
  • बॉयलर यूनिट की तकनीकी कमियाँ तत्काल दूर की जाएँ
  • सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए

2. वेजिटेबल कोल्ड रूम का लंबित कार्य

सब्जियों के सुरक्षित भंडारण के लिए प्रस्तावित वेजिटेबल कोल्ड रूम का निर्माण कार्य अधूरा पाया गया। निर्देश दिया गया कि

  • कोल्ड स्टोरेज यूनिट का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए
  • तापमान नियंत्रण प्रणाली दुरुस्त रखी जाए
  • खाद्य सामग्री की ताजगी बनाए रखने हेतु नियमित निगरानी की जाए

3. रसोई संचालन में तकनीकी सुधार

निरीक्षण के दौरान रसोई संचालन में कुछ तकनीकी कमियों की ओर ध्यान आकर्षित हुआ।

  • मशीनरी का समय पर रखरखाव
  • गैस और स्टीम कनेक्शन की नियमित जांच
  • कार्यरत कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण

इन सभी बिंदुओं पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।


4. जल प्रबंधन और स्वच्छता

जल की उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।

  • स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता
  • दैनिक सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग
  • फर्श, दीवारों और उपकरणों की नियमित सफाई

5. वेस्ट मैनेजमेंट (अपशिष्ट प्रबंधन)

रसोई से निकलने वाले खाद्य अपशिष्ट और अन्य कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।

  • कचरे का पृथक्करण
  • नियमित निष्पादन
  • पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन प्रणाली

6. सुरक्षा हेतु CCTV निगरानी

सुरक्षा को लेकर निर्देश दिया गया कि

  • पूरे परिसर को CCTV कवरेज में लाया जाए
  • प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी मजबूत हो
  • रिकॉर्डिंग सिस्टम सुचारु रूप से कार्य करे

निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, भवन निगम के अभियंता और अक्षय पात्रा फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और समयबद्ध कार्रवाई की रूपरेखा तय की गई।


निरीक्षण का संभावित प्रभाव

इस औचक निरीक्षण का सीधा प्रभाव संस्थान की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा:

✔ भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार
✔ तकनीकी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
✔ संसाधनों का बेहतर प्रबंधन
✔ पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि

प्रशासन का यह कदम यह दर्शाता है कि बच्चों के पोषण और मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की निगरानी को गंभीरता से लिया जा रहा है।


HF News 24 निष्कर्ष

डेमोटांड़ स्थित अक्षय पात्रा फाउंडेशन का औचक निरीक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की गंभीर पहल है।

बॉयलर-स्टीम कनेक्शन से लेकर कोल्ड रूम निर्माण, स्वच्छता, वेस्ट मैनेजमेंट और CCTV निगरानी तक हर पहलू पर प्रशासन की पैनी नजर यह संदेश देती है कि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यह निरीक्षण आने वाले समय में संस्थान की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।


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