समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय सीएसआर समिति की अहम बैठक


कंपनियों को बजट व व्यय विवरण तय समयसीमा में सौंपने का निर्देश

HF News 24 | हजारीबाग।
जिले में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) से संचालित विकासात्मक योजनाओं की प्रगति, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय सीएसआर समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस सीएसआर मद के अंतर्गत चल रही योजनाओं की समीक्षा, उनके वित्तीय प्रबंधन की स्थिति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर रहा।

बैठक की अध्यक्षता जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई, जबकि विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और जिले में कार्यरत कंपनियों के प्रतिनिधि भी इसमें उपस्थित रहे। बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि सीएसआर के तहत उपलब्ध संसाधनों का उपयोग जमीनी जरूरतों के अनुरूप, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए।


आय–व्यय की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर

बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सीएसआर मद से संचालित योजनाओं की आय और व्यय से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं। इसमें यह भी कहा गया कि केवल कुल राशि बताना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि योजनावार व्यय, कार्य की वर्तमान स्थिति और शेष बजट की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

अधिकारियों ने कहा कि सीएसआर फंड जनहित से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके उपयोग में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी योजनाओं का लेखा-जोखा स्पष्ट, दस्तावेजों सहित और सत्यापन योग्य होना आवश्यक है, ताकि समय-समय पर उनकी समीक्षा की जा सके।


कंपनियों को सीएसआर बजट और व्यय स्थिति सौंपने की समयसीमा

बैठक में उपस्थित सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों को यह निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने सीएसआर बजट, स्वीकृत योजनाओं और अब तक हुए व्यय की स्थिति (पोजिशन रिपोर्ट) आगामी गुरुवार तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि समयसीमा का पालन न करने वाली कंपनियों और विभागों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीएसआर मद से चल रही योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब न हो।


शिक्षा क्षेत्र में सीएसआर के तहत संभावित कार्यों का आकलन

बैठक में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा गया कि वे सीएसआर मद के अंतर्गत प्रभावित एवं जरूरतमंद क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर संभावित कार्यों का आकलन तैयार करें

इस आकलन में यह स्पष्ट रूप से दर्शाना होगा कि किन क्षेत्रों में विद्यालयों के भवन, शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, खेल सामग्री या अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता है। इसके साथ ही पहले से स्वीकृत योजनाओं और प्रस्तावित कार्यों की सूची भी प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया।

प्रशासन का मानना है कि यदि सीएसआर फंड का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और संसाधनों में उल्लेखनीय सुधार संभव है।


लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश

बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सीएसआर मद से शुरू किए गए कई कार्य अभी तक अधूरे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों और कंपनियों को निर्देश दिया कि लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए

इसके लिए यह भी कहा गया कि यदि किसी कार्य में स्थानीय स्तर पर कोई बाधा आ रही है, तो उसे स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तुरंत सुलझाया जाए, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें और जनता को उसका लाभ मिल सके।


सीएसआर योजनाओं में पारदर्शिता और समन्वय पर बल

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सीएसआर योजनाओं के संचालन में विभागों और कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। कई बार जानकारी के अभाव या तालमेल की कमी के कारण योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाती हैं।

अधिकारियों ने कहा कि सीएसआर केवल औपचारिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति कंपनियों का दायित्व है। इसलिए सभी हितधारकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सीएसआर मद का उपयोग स्थायी और प्रभावकारी विकास के लिए हो।


बैठक में विभिन्न विभागों और प्रतिनिधियों की भागीदारी

बैठक में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सीएसआर से जुड़े नोडल अधिकारी, योजना विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा जिले में कार्यरत कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने कंपनियों से यह भी अपेक्षा जताई कि वे सीएसआर मद के तहत स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें, ताकि विकास कार्यों का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे।


सीएसआर समिति की भूमिका और उद्देश्य

जिला स्तरीय सीएसआर समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में उपलब्ध कॉरपोरेट संसाधनों का उपयोग केवल कागजी योजनाओं तक सीमित न रहे, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव जमीन पर दिखाई दे।

इस समिति के माध्यम से प्रशासन यह प्रयास करता है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सीएसआर फंड का संतुलित और न्यायसंगत उपयोग हो।


आगे की कार्ययोजना

बैठक के बाद जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों और कंपनियों से प्राप्त होने वाली रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन योजनाओं को प्राथमिकता दी जानी है और किन क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी बैठकों को नियमित अंतराल पर आयोजित किया जाएगा, ताकि सीएसआर योजनाओं की सतत निगरानी और मूल्यांकन किया जा सके।


निष्कर्ष

समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय सीएसआर समिति की यह बैठक जिले में सीएसआर मद से संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यदि प्रशासन, विभाग और कंपनियां मिलकर तय समयसीमा में कार्य करें, तो सीएसआर फंड जिले के विकास में एक मजबूत भूमिका निभा सकता है और इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकता है।


रिपोर्ट: HF News 24 डेस्क


https://chat.whatsapp.com/GPVSxk0fZqiBY2yKPTZsed?mode=ems_copy_t

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *