कुछ ही मिनटों में दोनों वाहन जलकर राख
✍️Alok Raj| Managing Editor| HF News 24 | गिद्दी–कुजू (झारखंड)
गिद्दी सी–कुजू मुख्य सड़क पर शनिवार देर शाम एक ऐसा भयानक हादसा हुआ जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी मचा दी। होसिर मोड़ और हिसालोंग के बीच, तेज रफ्तार से चल रहे दो हाईवा ट्रकों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज पूरे क्षेत्र में गूंज उठी। देखते-ही-देखते दोनों ट्रकों में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में दोनों विशाल वाहन आग के समंदर में तब्दील हो गए।
चमत्कारिक रूप से दोनों हाईवा के चालक सुरक्षित बच गए, जो इस भयावह घटना में किसी बड़े हादसे को टलने का संकेत है।
कैसे हुआ हादसा? — कुजू की ओर से आती हाईवा ने सामने से मार दी जोरदार टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गिद्दी सी से कुजू की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक हाईवा ट्रक कोयला लदा हुआ गिद्दी की ओर जा रहा था।
होसिर मोड़ को पार करते ही सड़क एक तेज और खतरनाक टर्न लेती है। ठीक उसी समय कुजू की ओर से एक और हाईवा तेज रफ्तार में उसी दिशा में आ रही थी।
सड़क संकरी होने और मोड़ पर दृश्यता कम होने के कारण दोनों वाहनों के बीच सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रकों के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और दोनों ट्रक सड़क के बीचोंबीच फंस गए।
हादसे के बाद मचा कोहराम — चिंगारी से उठा धुआँ, कुछ मिनटों में उठी आग की लपटें
टक्कर के बाद दोनों हाईवा के इंजन क्षेत्र से धुआँ निकलना शुरू हुआ।
कुछ ही सेकंड में धुआँ गहरे काले गुबार में बदल गया और फिर तेज धमाके जैसी आवाज के साथ दोनों ट्रकों में आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि चालक और खलासी बस किसी तरह वाहन से बाहर कूदकर अपनी जान बचा सके।
स्थानीय लोग बताते हैं—
“जैसे ही टक्कर हुई, हमने धुआँ उठते देखा। उसके 1–2 मिनट बाद ही आग की तेज लपटें ऊपर उठने लगीं। अगर चालक जल्दी बाहर नहीं कूदते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।”
यह पूरा हादसा 5–7 मिनट के भीतर इतना भीषण रूप ले चुका था कि ट्रकों को बचाने का कोई मौका ही नहीं बचा।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा — अग्निशमन विभाग को बुलाया, लेकिन तब तक दोनों ट्रक जल चुके थे
हादसे के तुरंत बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए।
ग्रामीणों ने सबसे पहले दोनों ट्रकों के चालकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उसके बाद उन्होंने अग्निशमन विभाग को फोन कर घटना की सूचना दी।
गिद्दी और कुजू से दो अग्निशमन वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। लेकिन सड़क संकरी होने, ट्रकों के एक-दूसरे में फंसे होने और आग की भीषणता के कारण दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी देर लगी।
जब तक दमकल टीम मौके पर पहुंची, तब तक दोनों ट्रक पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।
आग इतनी खतरनाक थी कि आसपास खड़े लोग भी दूर हटे
हादसे के वक्त हवा की दिशा आग को और भड़काने में मदद कर रही थी। आग की लपटें 20–25 फुट ऊपर तक उठती दिखीं।
धातु के पिघलने की आवाजें, टायरों के फटने की धमक और जलते डीज़ल की गंध ने पूरे माहौल को भयावह बना दिया।
रास्ते से गुजर रहे लोग दूर-दूर से वीडियो और फोटो बनाने लगे, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों ने सभी को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी।
बड़ा हादसा टला — दोनों चालक चमत्कारिक रूप से बच गए
हादसे का सबसे राहतभरा पहलू यह रहा कि दोनों हाईवा चालक सुरक्षित बच गए।
हल्की चोटों के बावजूद उनकी जान सकुशल बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर होते ही दोनों चालक अपनी सीटों से उछल पड़े, लेकिन वे समय रहते कूदकर वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे।
अगर टक्कर कुछ सेकंड और पहले या बाद में होती, या मोड़ पर वाहन नियंत्रण खो देता, तो मौतें निश्चित थीं— ऐसा ग्रामीणों का कहना है।
हादसे के कारण घंटों जाम — गिद्दी सी–कुजू मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें
दोनों ट्रक सड़क के बीच में फंस गए, जिससे गिद्दी–कुजू मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
कुजू की ओर से आने वाले वाहनों की लंबी कतार 2 किलोमीटर तक लग गई।
पुलिस को क्रेन मंगानी पड़ी और आग बुझाने के बाद ट्रकों के जले हुए ढाँचे को हटाने में काफी समय लगा।
रात करीब 11 बजे जाकर सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य होने लगी।
स्थानीय लोगों ने उठाई सड़क सुरक्षा और रफ्तार नियंत्रण की मांग
ग्रामीणों ने इस सड़क पर बार-बार हो रहे हादसों का जिक्र किया।
लोगों का कहना है कि होसिर मोड़ और हिसालोंग के बीच का यह मोड़ हमेशा से खतरनाक रहा है।
यहाँ—
- सड़क संकरी है
- टर्न अचानक आता है
- भारी वाहन अक्सर तेज रफ्तार में होते हैं
- दृश्यता कम रहती है
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहाँ—
- स्पीड ब्रेकर
- चेतावनी बोर्ड
- रिफ्लेक्टर लाइट
- रात में स्ट्रीट लाइट
लगाई जाएँ ताकि ऐसे हादसों में कमी आए।
HF News 24 विश्लेषण
यह हादसा दिखाता है कि भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क की स्थितियों का सही तालमेल न होने पर ऐसी घटनाएँ कब जानलेवा बन जाएँ, कहना मुश्किल है।
गिद्दी–कुजू रोड कोयला परिवहन का मुख्य मार्ग होने के कारण यहाँ हाईवा और ट्रेलरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।
ऐसे में सड़क सुरक्षा के लिए विशेष कदम जरूरी हैं।
यदि प्रशासन समय रहते सड़क सुधार और ट्रैफ़िक प्रबंधन पर ध्यान नहीं देता, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी बड़े रूप ले सकते हैं।
HF News 24 इस घटना से जुड़े हर अपडेट और प्रतिक्रिया को लगातार प्रकाशित करेगा। https://chat.whatsapp.com/GPVSxk0fZqiBY2yKPTZsed?mode=ems_copy_t






