दिल्ली ब्लास्ट केस से संभावित कनेक्शन की जांच जारी
Dinesh Kumar Soni| HF NEWS 24
नई दिल्ली / श्रीनगर : दक्षिण कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अनंतनाग में तैनात हरियाणा रोहतक की डॉक्टर प्रियंका शर्मा को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने “व्हाइट-कालर टेरर मॉड्यूल” की जांच के सिलसिले में हिरासत में लिया है।
यह कार्रवाई दिल्ली के लाल क़िला परिसर में हुए हालिया विस्फोट मामले की व्यापक जांच का हिस्सा है।
(स्रोत: India Today, The Federal)
कौन हैं डॉक्टर प्रियंका शर्मा?
डॉ. प्रियंका शर्मा GMC अनंतनाग में लेक्चरर के रूप में तैनात थीं और पिछले कुछ वर्षों से कश्मीर में कार्यरत थीं। पुलिस ने उनके मोबाइल, संचार रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच शुरू कर दी है।
क्यों हुई कार्रवाई?
पुलिस सूत्रों के अनुसार—
- जांच टीम को कुछ फोन कॉल्स,
- संपर्कों,
- तथा ट्रांजैक्शन पैटर्न
की जानकारी मिली थी, जिन्हें मॉड्यूल की गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब तक पुलिस ने उनकी किसी प्रत्यक्ष आतंकी गतिविधि में संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच “संदिग्ध संबंधों” और “वित्तीय लेन-देन” की दिशा में आगे बढ़ रही है।
आधिकारिक आरोप अभी स्पष्ट नहीं
अब तक आधिकारिक एजेंसियों ने—
- उन पर UAPA,
- आतंकी फंडिंग,
- या किसी विशेष धारा के तहत
औपचारिक आरोप घोषित नहीं किए हैं।
पुलिस के बयान के अनुसार, वह केवल पूछताछ के लिए हिरासत में हैं और उनके डिजिटल उपकरण फोरेंसिक विश्लेषण में भेजे गए हैं।
जांच एजेंसियों की प्राथमिकता: मॉड्यूल का नेटवर्क ट्रेस करना
दिल्ली और कश्मीर की संयुक्त जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि—
- क्या उनके संपर्क किसी ऐसे व्यक्ति से जुड़े थे जो मॉड्यूल का हिस्सा था?
- क्या उनकी जानकारी का दुरुपयोग हुआ?
- क्या कुछ वित्तीय गतिविधियाँ संदिग्ध थीं?
जांच अधिकारी ने बताया कि “अभी कुछ भी निर्णायक नहीं कहा जा सकता। सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।”
GMC अनंतनाग प्रशासन भी सतर्क
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
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