दारू व ईरगा पंचायत भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 25वां झारखंड स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती


धरती आबा के आदर्शों से गूंजे पंचायत भवन — संस्कृति, एकता और गर्व का संगम

✍️ प्रबंध संपादक : आलोक राज | HF NEWS 24


दारू (हजारीबाग): 15 November 2025
झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के शुभ अवसर पर शनिवार, 15 नवंबर को दारू और ईरगा पंचायत भवनों में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
दोनों पंचायतों में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और सांस्कृतिक माहौल ने इस अवसर को विशेष बना दिया।


🏛️ दारू पंचायत भवन में हुआ भव्य आयोजन

दारू पंचायत भवन में कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई।
मुखिया सुनील कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा —

“भगवान बिरसा मुंडा न केवल झारखंड के, बल्कि पूरे भारत के अमर वीर थे, जिन्होंने आदिवासी समाज को आत्मसम्मान और अधिकार की राह दिखाई।”

उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से झारखंड की मिट्टी, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में दिलीप कुमार, महेंद्र सिंह, महेंद्र कुमार यादव, अरुण कुमार और दयाल कुमार सहित कई ग्रामीणों ने झारखंड के विकास, आत्मनिर्भरता और बिरसा मुंडा के योगदान पर अपने विचार साझा किए।
सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि “धरती आबा के सपनों का झारखंड” साकार करना हम सबकी जिम्मेदारी है।


🌾 ईरगा पंचायत भवन में भी गूँजा झारखंड गौरव का स्वर

ईरगा पंचायत भवन में भी झारखंड स्थापना दिवस और बिरसा मुंडा जयंती पूरे श्रद्धाभाव और जोश के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायत समिति सदस्य द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने से हुआ।

इस अवसर पर महावीर यादव, निरंजन यादव, अप्पू यादव, वीरेंद्र यादव, विकास यादव, अजय यादव, कल्लू यादव, और विनय यादव उपस्थित रहे।
सभी ने कहा कि —

“बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, साहस और समाज सेवा का प्रतीक है। उनकी जयंती हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करने और समाजहित के कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।”


🎉 जय झारखंड के नारों से गूँज उठे दोनों पंचायत भवन

दोनों पंचायतों में लोगों ने पारंपरिक रीति से एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
बच्चों और युवाओं में भी जोश देखने लायक था।
पूरा वातावरण “जय झारखंड” और “धरती आबा बिरसा मुंडा अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
झारखंडी परिधान, पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक रंगों ने समारोह को और भी जीवंत बना दिया।


एकता, संस्कृति और स्वाभिमान की नई ऊर्जा

दारू और ईरगा पंचायतों में मनाया गया यह संयुक्त उत्सव सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, एकता और संस्कृति का प्रतीक बन गया।
ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि बिरसा मुंडा के आदर्श सदैव प्रेरणा देते रहेंगे और झारखंड की आत्मा को सशक्त बनाएंगे।


Editor-in-Chief  :  Pankaj Hindustani


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