ग्राम टांड़डीह से 8 युवकों की गिरफ्तारी, 332 पेटी शराब, लग्ज़री गाड़ियाँ और नकली स्टिकर-सील जब्त
HF NEWS 24 | हजारीबाग
हजारीबाग पुलिस को मिली एक गुप्त खुफिया सूचना ने जिले में अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। सूचना के अनुसार चौपारण थाना क्षेत्र के ग्राम टांड़डीह में कुमार चंदन नामक व्यक्ति के घर में नकली अंग्रेजी शराब का भंडारण किया जा रहा था और छोटी-छोटी गाड़ियों के माध्यम से उसे बिहार में खपाने की तैयारी चल रही थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 9 अधिकारियों की विशेष टीम (SIT-style operation) गठित की गई, जिसने शुक्रवार देर शाम छापेमारी की।
क्या-क्या मिला? – बरामदगी का सबसे बड़ा आंकड़ा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में शराब और सामग्री जब्त की:
अवैध शराब
- 160 पेटी 8PM (180 ml) — कुल 7,680 बोतलें
- 172 पेटी स्टार गोल्ड (180 ml) — कुल 8,256 बोतलें
कुल बरामदगी: 332 पेटियाँ | 15,936 बोतलें
यह मात्रा चौपारण क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक मानी जा रही है।

बरामद वाहन और उपकरण
- 1 स्कॉर्पियो
- 1 स्विफ्ट डिज़ायर
- अन्य छोटे वाहन (जिनका उपयोग डिलीवरी के लिए किया जाता था)
- स्मार्टफोन
- नकली स्टिकर, सील, ढक्कन और पैकिंग सामग्री
ये सामान स्पष्ट संकेत देते हैं कि यह कोई साधारण भंडारण नहीं बल्कि संगठित नकली शराब उत्पादन-तस्करी नेटवर्क था।
8 लोग गिरफ्तार
छापेमारी में लगभग 8 युवाओं को गिरफ्तार किया गया, जिन पर—
- अवैध भंडारण
- नकली शराब निर्माण
- अंतर-राज्यीय तस्करी की साजिश
जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
बिहार लिंक की पुष्टि
जांच में सामने आया है कि शराब को—
- छोटी गाड़ियों में छुपाकर
- सीमावर्ती रूटों का इस्तेमाल कर
बिहार भेजा जाना था, जहाँ शराबबंदी लागू होने के कारण इसकी तस्करी की बड़ी मांग है।
कानूनी कार्रवाई
आरोपियों पर निम्न कानूनों के तहत मामला दर्ज होने की संभावना है—
- Excise Act
- Forgery / Fake Branding Sections
- Sections related to illegal trade & conspiracy
वाहनों और मोबाइल फोन का डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा ताकि नेटवर्क की जड़ तक पहुँचा जा सके।
पुलिस की अपील
पुलिस सूत्रों के अनुसार—
“ऐसे नेटवर्क बिना स्थानीय सहायता के नहीं पनपते। यदि आम लोग गुप्त सूचना दें, तो हम बड़े अपराधों को जड़ से खत्म कर सकते हैं।”
पुलिस ने सीक्रेट-इन्फॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से नागरिकों को गुप्त रूप से जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
- नकली शराब से स्वास्थ्य जोखिम
- अंतर-राज्यीय अपराध नेटवर्क पर प्रहार
- शराबबंदी राज्य में सप्लाई चैन कट
- अवैध कारोबार में काले धन की रोकथाम
यह कार्रवाई जिले की अब तक की सबसे प्रमुख तस्करी-रोधी ऑपरेशनों में गिनी जा रही है।
अगला कदम
- मुख्य सप्लायर और फंडिंग स्रोत की तलाश
- नकली शराब फैक्ट्री का लोकेशन ट्रैक
- अन्य राज्यों से कनेक्शन की जांच
- आगे और गिरफ्तारियों की संभावना
समापन
इस अभियान ने एक बार फिर साबित किया कि संगठित तस्करी की जड़ें गहरी हैं, लेकिन प्रशासनिक तत्परता और खुफिया नेटवर्क के सहारे बड़े ऑपरेशन भी ध्वस्त किए जा सकते हैं।
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