केवल 12वीं प्री-बोर्ड परीक्षा के समय में बदलाव का आदेश
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद कार्रवाई, हजारीबाग में स्कूलों पर दो दिन की रोक
हजारीबाग | HF News 24 | विशेष रिपोर्ट
झारखंड में लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक अहम निर्णय लिया है। उपायुक्त कार्यालय, हजारीबाग (शिक्षा शाखा) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार जिले के सभी विद्यालयों को 05 जनवरी 2026 एवं 06 जनवरी 2026 को पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
यह आदेश जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी (गैर-सहायता प्राप्त) विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। आदेश का उद्देश्य अत्यधिक ठंड और शीतलहर के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से उन्हें सुरक्षित रखना है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन का निर्णय
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र, रांची द्वारा झारखंड राज्य में शीतलहर और ठंड को लेकर विशेष मौसम बुलेटिन जारी किया गया है। इस बुलेटिन के अनुसार हजारीबाग जिला येलो अलर्ट ज़ोन में रखा गया है, जहाँ सुबह और रात के समय तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक ठंड, ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याएँ इस मौसम में अधिक देखने को मिलती हैं। इसी चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम के रूप में यह निर्णय लिया है।
स्पष्ट आदेश: स्कूल समय में कोई बदलाव नहीं, केवल दो दिन अवकाश
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में यह पूरी तरह स्पष्ट किया गया है कि—
- विद्यालयों का समय (स्कूल टाइम) बदला नहीं गया है।
- 05 और 06 जनवरी 2026 को सभी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे।
- इन दो दिनों में कक्षा संचालन नहीं होगा।
यह बिंदु विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि कई बार स्कूल बंद और स्कूल समय परिवर्तन को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। प्रशासन ने इस आदेश में किसी भी प्रकार के भ्रम की गुंजाइश नहीं छोड़ी है।
केवल एक अपवाद: 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा
इस आदेश में केवल एक विशेष अपवाद रखा गया है—
यदि 05 या 06 जनवरी 2026 को कक्षा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा पहले से निर्धारित है, तो—
- केवल परीक्षा के समय में बदलाव किया जाएगा।
- परीक्षा सुबह की कड़ाके की ठंड में नहीं, बल्कि दिन के अपेक्षाकृत अनुकूल समय में आयोजित की जाएगी।
- इसके अतिरिक्त किसी भी कक्षा की नियमित पढ़ाई या अन्य गतिविधियों की अनुमति नहीं दी गई है।
यह निर्णय भी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि परीक्षा प्रभावित न हो और बच्चों को ठंड से भी बचाया जा सके।
कानूनी आधार: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005
यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के अंतर्गत जारी किया गया है। इस धारा के तहत जिला प्रशासन को किसी भी आपदा या संभावित आपदा की स्थिति में आवश्यक और त्वरित निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है।
शीतलहर और अत्यधिक ठंड को संभावित आपदा मानते हुए यह आदेश जारी किया गया है। इसका अर्थ यह है कि—
- आदेश का पालन करना सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य है।
- आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
अभिभावकों और छात्रों को राहत
इस फैसले से अभिभावकों के बीच राहत की भावना देखी जा रही है। कई अभिभावकों का कहना है कि सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया था। छोटे बच्चों के साथ-साथ किशोर उम्र के छात्र भी ठंड से प्रभावित हो रहे थे।
दो दिनों के अवकाश से बच्चों को पर्याप्त आराम मिलेगा और ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाव संभव होगा। अभिभावकों ने जिला प्रशासन के इस निर्णय को समयोचित और संवेदनशील बताया है।
शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी
आदेश जारी होने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी और सभी विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि—
- सभी विद्यालय 05 और 06 जनवरी को पूर्ण रूप से बंद रहें
- किसी भी स्तर पर आदेश का उल्लंघन न हो
- यदि 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित हो, तो समय परिवर्तन का सही ढंग से पालन किया जाए
आदेश की प्रतिलिपि सभी संबंधित अधिकारियों को सूचनार्थ एवं अनुपालन के लिए भेज दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ठंड बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न कर सकती है। सुबह के समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहती है, ऐसे में ठंडी हवा और कोहरे का प्रभाव सीधे बच्चों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि—
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएँ
- ठंड के दिनों में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
- गर्म भोजन और पेय पदार्थों का सेवन कराएँ
HF News 24 का विश्लेषण
HF News 24 का मानना है कि यह निर्णय जिला प्रशासन की जिम्मेदार और संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए समय रहते उठाया गया यह कदम संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में सहायक होगा।
अक्सर देखा गया है कि शीतलहर जैसी स्थितियों में देर से निर्णय लिए जाते हैं, लेकिन इस बार प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्पष्ट और व्यावहारिक आदेश जारी किया है।
आगे की स्थिति पर निगरानी
प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि ठंड और शीतलहर की स्थिति आगे भी बनी रहती है, तो विद्यालय संचालन को लेकर आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं। मौसम विभाग की रिपोर्ट पर लगातार नजर रखी जा रही है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, हजारीबाग जिले में बढ़ती शीतलहर को देखते हुए 05 और 06 जनवरी 2026 को सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।
साथ ही 12वीं प्री-बोर्ड परीक्षा के लिए समय में बदलाव कर प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य — दोनों का संतुलन बना रहे।
HF News 24
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