हजारीबाग में ड्रग माफियाओं पर कोर्रा पुलिस की बड़ी चोट: दो तस्कर गिरफ्तार


1.980 किलोग्राम अफीम, 20 किलो डोडा, नकद राशि, कार व मोबाइल बरामद — जिले में नशा नेटवर्क पर करारी कार्रवाई

HF News 24 | हजारीबाग

हजारीबाग जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर एक बार फिर निर्णायक वार करते हुए एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गुरुवार देर शाम की गई इस विशेष कार्रवाई में पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 1.980 किलोग्राम अफीम, 20 किलोग्राम डोडा, ₹5,500 नकद, एक स्विफ्ट कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई जहां जिला पुलिस की सतर्कता और त्वरित एक्शन का प्रमाण है, वहीं यह भी दर्शाती है कि नशे का अवैध व्यापार हजारीबाग में किस तरह तेजी से फैलता जा रहा था। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपी लंबे समय से अफीम और डोडा की खरीद-बिक्री में सक्रिय थे और जिले के युवा वर्ग और आस-पास के क्षेत्रों में सप्लाई श्रृंखला मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे।


गुप्त सूचना पर विशेष अभियान की शुरुआत

कोर्रा पुलिस को गुप्त स्रोतों से सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप जिले में प्रवेश करने वाली है और इसे एक स्विफ्ट कार के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया और कन्हेरी हिल क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक सफेद स्विफ्ट कार को रुकने का संकेत दिया। पहले तो चालक भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वाहन को घेरकर रोक लिया गया। कार की तलाशी में सीट और डिक्की के बीच बड़ी चालाकी से छुपाए गए अफीम और डोडा के पैकेट मिले।

यह देख पुलिस टीम भी हैरान रह गई कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ खुलेआम जिले में प्रवेश कर रहे थे।


गिरफ्तार तस्करों की पहचान

पुलिस ने जिन दो तस्करों को पकड़ा है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—

  1. इशु कुमार सिंह उर्फ नन्हे, निवासी पटना रोड, ऊर्जना, थाना बरही
  2. विजय कुमार गुप्ता उर्फ विक्की, निवासी रसोइया धमना, थाना बरही, जिला हजारीबाग

दोनों आरोपी बरही क्षेत्र में सक्रिय ड्रग सप्लाई मॉड्यूल का हिस्सा बताए जा रहे हैं। शुरुआती पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि यह खेप खूंटी जिले के तमाड़ रायडीह से लाई जा रही थी और इसे हजारीबाग, बरही, चौपारण और आसपास के क्षेत्रों में छोटे-छोटे सप्लायरों तक पहुँचाया जाना था।


बरामद मादक पदार्थों का विस्तृत विवरण

कार से बरामद सामग्री की मात्रा और प्रकृति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह कोई छोटा तस्करी प्रयास नहीं था, बल्कि एक संगठित गिरोह लंबे समय से जिले में सक्रिय था।

पुलिस द्वारा जब्त सामग्री:

  • 1.980 किलोग्राम अफीम — बेहद महंगी और उच्च श्रेणी की मादक वस्तु
  • 20 किलोग्राम डोडा (poppy husk) — जिनका उपयोग अवैध नशा तैयार करने में होता है
  • ₹5,500 नकद राशि — तस्करी के लेन-देन से जुड़ा
  • स्विफ्ट कार — सप्लाई चेन में प्रयुक्त वाहन
  • 3 मोबाइल फोन — जिनसे कई नेटवर्क खुलने की संभावना

मोबाइल फोनों की जांच से तस्करी के अन्य बड़े नामों तक पहुंचने की संभावना है। पुलिस साइबर टीम हर कॉल, लोकेशन और लेन-देन की जांच कर रही है।


NDPS Act के तहत कठोर कार्रवाई

पुलिस ने दोनों तस्करों पर NDPS Act (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। NDPS Act मादक पदार्थों के व्यापार, कब्जे, खरीद-बिक्री और वितरण पर कड़ा दंड निर्धारित करता है जिसमें लंबी सजा, भारी जुर्माना और कई मामलों में जमानत तक कठिन हो जाती है।

अफीम जैसी सामग्री का इतने बड़े पैमाने पर कब्जा एक गंभीर अपराध माना जाता है। तस्करों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित वित्तीय स्रोतों की पहचान कर रही है।


जिला पुलिस की बड़ी उपलब्धि — नशा नेटवर्क पर चोट

हजारीबाग पुलिस पिछले कई महीनों से मादक पदार्थों के खिलाफ सघन अभियान चला रही है। पिछले कुछ अभियानों में:

  • छड़वा डैम क्षेत्र से 27 किलो अफीम बरामद
  • शहर के बाहरी क्षेत्र से 8.2 किलो अफीम की जब्ती
  • कई छोटे-बड़े तस्कर गिरफ्तार

इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि जिले में अफीम और डोडा तस्करों का एक मजबूत और विस्तृत नेटवर्क सक्रिय है, जो ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक फैला हुआ है। पुलिस की लगातार कार्रवाई ने इस नेटवर्क को कमजोर किया है, लेकिन पूरी तरह समाप्त करना अभी शेष है।


कैसे चल रहा था तस्करी का खेल?

तस्करों के प्रारंभिक बयान और मोबाइल डेटा की जांच से संकेत मिले हैं कि—

  • मादक पदार्थों को खूंटी और चाईबासा क्षेत्र से लाया जाता था
  • वितरण नेटवर्क बरही, चौपारण, कटकमसांडी, पखरबरिया और हजारीबाग शहर तक फैला था
  • छोटे सप्लायर्स को थोड़ी-थोड़ी मात्रा देकर बाजार में खपाया जाता था
  • तस्करी के लिए निजी वाहनों का उपयोग किया जा रहा था ताकि पुलिस को संदेह न हो

इससे स्पष्ट है कि नेटवर्क संगठित, योजनाबद्ध और आर्थिक रूप से सशक्त था।


पुलिस का रुख: “मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस”

एसडीपीओ अमित आनंद ने प्रेस वार्ता में कहा—

“यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थानों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।”

उन्होंने बताया कि कोर्रा थाना क्षेत्र की सफलता के बाद जिले के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी इंटेलिजेंस आधारित छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।


स्थानीय लोगों में संतोष, कार्रवाई को सराहना

इस गिरफ्तारी के बाद हजारीबाग शहर और आसपास के गांवों में राहत का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि नशे की आपूर्ति कम होने से युवा पीढ़ी सुरक्षित होगी। कई सामाजिक संगठनों ने कोर्रा पुलिस की टीम की सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखने की मांग की।


HF News 24 विश्लेषण

यह कार्रवाई हजारीबाग के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  1. जिले में मादक पदार्थों का जाल व्यापक और योजनाबद्ध था।
  2. बड़ी मात्रा में अफीम बरामद होना दर्शाता है कि नेटवर्क राज्य स्तरीय या उससे ऊपर का हो सकता है।
  3. पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई ने कई युवाओं को नशे की चपेट में जाने से बचाया होगा।
  4. यह सफलता बताती है कि यदि खुफिया सूचना और त्वरित टीमवर्क सही समय पर मिले, तो बड़े-बड़े गिरोह भी ध्वस्त किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

कोर्रा थाना क्षेत्र में की गई यह कार्रवाई हजारीबाग पुलिस के लिए मील का पत्थर साबित हुई है। इससे न केवल दो तस्करों की गिरफ्तारी हुई, बल्कि एक बड़े नेटवर्क के ध्वस्त होने की शुरुआत भी हुई है।

अब निगाहें इस बात पर होंगी कि पुलिस आगे की जांच में कितनी गहराई तक जाकर इस गिरोह की जड़ों को काटती है। जनता की उम्मीद है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और हजारीबाग को नशे के दुष्चक्र से मुक्त किया जाएगा।


रिपोर्ट — HF NEWS 24 डेस्क
First Breaking | Fast | Fearless Journalism


https://chat.whatsapp.com/GPVSxk0fZqiBY2yKPTZsed?mode=ems_copy_t

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *