बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर गिरेगी गाज
HF News 24 | हजारीबाग
हजारीबाग जिले में अब मीट और मुर्गा दुकानों का संचालन मनमाने तरीके से नहीं चलेगा।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियमावली 2011 के तहत जिला प्रशासन ने जिले भर की सभी मीट व मुर्गा दुकानों के लिए सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
यह आदेश खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा 09 जनवरी 2026 को जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना है।
अब कोई भी मीट या मुर्गा दुकान बिना लाइसेंस या पंजीकरण के संचालित नहीं की जा सकेगी। बिना वैध अनुमति के कारोबार करना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
लाइसेंस के बिना दुकान चलाना अब अपराध
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि—
“मीट और मुर्गा दुकान चलाने के लिए खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य है। बिना लाइसेंस दुकान संचालित करना अपराध की श्रेणी में आएगा।”
इसके तहत सभी दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराना होगा।
जो दुकानदार नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ जुर्माना, दुकान सील और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मीट–मुर्गा दुकानों के लिए 15 सख्त नियम लागू
जिला प्रशासन ने मीट और मुर्गा दुकानों के संचालन के लिए 15 अनिवार्य शर्तें तय की हैं, जिनका पालन हर दुकानदार को करना होगा—
- दुकान खोलने से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC लेना होगा
- खुले में मांस काटना और बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित
- मीट दुकान सब्जी या मछली दुकानों के पास नहीं होगी
- धार्मिक स्थलों से कम से कम 50 मीटर की दूरी अनिवार्य
- दुकान का मुख्य द्वार धार्मिक स्थल से 100 मीटर दूर होना चाहिए
- दुकान में स्वतः बंद होने वाला दरवाजा और काला शीशा होना चाहिए
- दुकान की चौड़ाई कम से कम 3 मीटर और ऊंचाई 2.5 मीटर
- दीवारें 5 फीट तक Impervious Concrete Material की होंगी
- फर्श नॉन-स्लिप और ढलानदार होगा ताकि पानी न रुके
- मांस काटने के औजार स्टेनलेस स्टील के ही होंगे
- दुकान पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगेगा कि कौन-सा मांस बेचा जा रहा है
- स्वच्छ पेयजल और उचित ड्रेनेज सिस्टम अनिवार्य
- 48 घंटे से अधिक मांस रखने पर 4 डिग्री से नीचे डीप फ्रीजर जरूरी
- दुकान में उचित वेंटिलेशन सिस्टम होना अनिवार्य
- एनिमल वेस्ट और कचरा निपटान की समुचित व्यवस्था जरूरी
गंदगी और बदबू पर लगेगा ब्रेक
इन नियमों के लागू होने के बाद शहर में खुले में कटते मांस, बदबू, गंदगी और स्वास्थ्य जोखिम वाली दुकानों पर सीधा अंकुश लगेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम आम नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है।
जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, अस्वच्छ मीट दुकानों से
- फूड प्वाइजनिंग
- इंफेक्शन
- त्वचा और सांस संबंधी बीमारियां
फैलने का खतरा रहता है।
नए नियमों से इन बीमारियों पर काफी हद तक नियंत्रण संभव होगा।
HF News 24 विश्लेषण
हजारीबाग में मीट और मुर्गा दुकानों पर लागू यह आदेश खाद्य सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे सख्त कदम माना जा रहा है।
अब शहर में अवैध, गंदगी भरी और बिना लाइसेंस दुकानों का दौर खत्म होने वाला है।

निष्कर्ष
अब हजारीबाग में मीट और मुर्गा का व्यापार
मनमर्जी से नहीं, कानून के तहत चलेगा।
जो व्यापारी नियमों का पालन करेंगे, वही बाजार में टिक पाएंगे —
और जनता को मिलेगा स्वच्छ, सुरक्षित और मानक-अनुरूप भोजन।
रिपोर्ट: HF News 24
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