✍️ Pankaj Hindustani | Editor-in-Chief | HF News 24 | हजारीबाग
दिनांक 26 जनवरी 2026 को हजारीबाग जिले में सामने आए नवजात बच्चा चोरी के मामले में पुलिस ने तेज़ और प्रभावी कार्रवाई करते हुए मात्र 03 घंटे के भीतर नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस पूरे प्रकरण में पुलिस जांच के बाद जो तथ्य सामने आए, उसने प्रारंभिक तौर पर सामने आई चोरी की कहानी को पूरी तरह बदल दिया।
घटना की सूचना और त्वरित पुलिस कार्रवाई
पुलिस को 26.01.2026 की संध्या लगभग 04:30 बजे सूचना प्राप्त हुई कि लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास एक महिला का तीन दिन का नवजात बच्चा चोरी हो गया है। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
घटना की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अधोहस्ताक्षरी (वरिष्ठ पुलिस अधिकारी) के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य नवजात शिशु की तत्काल और सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करना था।
SIT टीम की सफलता: 3 घंटे में सुरक्षित बरामदगी
गठित SIT टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे के भीतर नवजात शिशु को ग्राम करमा, थाना चौपारण, जिला हजारीबाग से सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस की इस तत्परता और समन्वित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है, क्योंकि नवजात मामलों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
पुलिस जांच के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि—
- नवजात बच्चे की मां बेबी देवी के पहले से पाँच बच्चे हैं।
- छठे बच्चे का जन्म 24.01.2026 को सदर अस्पताल, हजारीबाग में हुआ था।
- बेबी देवी के पति मुंबई में मजदूरी का काम करते हैं और सीमित आय के कारण परिवार का पालन-पोषण पहले से ही कठिन परिस्थिति में हो रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक दबाव के कारण बेबी देवी अपने पति की सहमति से नवजात बच्चे को पालने में असमर्थ थीं।
सहमति से सौंपा गया बच्चा, नहीं दी गई ससुराल को जानकारी
पुलिस के अनुसार, बेबी देवी ने अपने पति की सहमति से अपने नवजात बच्चे को अपनी सहेली की मौसेरी बहन मालती देवी को 26.01.2026 को लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास सौंप दिया था।
हालांकि, इस निर्णय की जानकारी उन्होंने अपने ससुराल पक्ष को नहीं दी। बाद में जब ससुराल वालों द्वारा बच्चे के बारे में पूछताछ की गई और सामाजिक लोक-लाज का भय सामने आया, तब बेबी देवी ने बच्चा चोरी होने की मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी।
इसी झूठी सूचना के आधार पर परिजनों द्वारा पुलिस को बच्चा चोरी की जानकारी दी गई थी।
परिजनों की मौजूदगी में मां को सौंपा गया नवजात
पुलिस द्वारा बरामद किए गए नवजात शिशु को सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों की उपस्थिति में सुरक्षित रूप से उसकी मां बेबी देवी को सौंप दिया गया है।
फिलहाल बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है।
पुलिस की अपील और संदेश
हजारीबाग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि—
- किसी भी संवेदनशील मामले में गलत या मनगढ़ंत सूचना न दें।
- सामाजिक दबाव या भय के कारण कानून को गुमराह करने से बचें।
- पुलिस पर विश्वास रखें और सच्ची जानकारी साझा करें।
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सत्य सामने आना ही सभी के हित में होता है, विशेषकर जब मामला नवजात शिशु से जुड़ा हो।
HF News 24 विश्लेषण
यह मामला जहां एक ओर पुलिस की त्वरित और सराहनीय कार्रवाई को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक दबाव, आर्थिक तंगी और लोक-लाज के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है।
नवजात शिशु का सुरक्षित बरामद होना सबसे बड़ी राहत है, लेकिन यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी और आत्ममंथन का विषय है।
रिपोर्ट: HF News 24 डेस्क
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