हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में ‘अवैध वसूली’ का खुलासा!सांसद प्रतिनिधि ने सुप्रिटेंडेंट से की शिकायत, जांच की माँग तेज: रंजन चौधरी

Alok Raj Managing Editor- HF NEWS 24 | HAZARIBAGH JHARKHAND

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग एक बार फिर सवालों के कठघरे में है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और अव्यवस्था का ताज़ा मामला सामने आते ही मरीजों और उनके परिजनों में आक्रोश बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार, अस्पताल के लगभग सभी वार्डों में मरीजों को डिस्चार्ज के समय 100 रुपये ‘डिस्चार्ज शुल्क’ के नाम पर अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं।

गरीब और सामान्य वर्ग के मरीजों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को देखते हुए यह शिकायत लगातार उठती रही है, और अब मामला सीधे सांसद तक पहुँच चुका है।

फोन-पे से भी ली जा रही अवैध वसूली, खुला ‘रैकेट’ बेखौफ़!

मामला और गंभीर तब हो गया जब बीती रात दारू प्रखंड क्षेत्र के एक पत्रकार के पिता को डिस्चार्ज करते समय उनकी पत्नी से PhonePe के माध्यम से ही 100 रुपये ले लिए गए। बताया गया कि एक-दो वार्डों को छोड़कर लगभग हर वार्ड में यह ‘उगाही’ खुलेआम की जा रही है, जिससे यह साफ है कि यह कोई नई या छिपी हुई प्रक्रिया नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा एक संगठित कृत्य है।

आईपीडी स्लिप का शुल्क भी बढ़ाकर वसूला जा रहा—15 के बदले 20 रुपये!

अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों से आईपीडी स्लिप का शुल्क भी मनमाने ढंग से बढ़ा दिया गया है।
सरकारी नियम: 15 रुपये
अस्पताल में वसूली: 20 रुपये

यह सीधे-सीधे सरकारी प्रावधानों और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का उल्लंघन है।

शिकायत पर सक्रिय हुए सांसद मनीष जायसवाल

लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजकिशोर से मुलाकात की और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी।

तत्काल रोक, गहन जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल में चल रही इस अवैध वसूली पर:तुरंत रोक लगाने,पूरे मामले की गहन जांच कराने, और जांच में दोषी पाए गए कर्मियों पर सख्त एवं नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

अस्पताल प्रबंधन ने कार्रवाई का भरोसा दिया

शिकायत दर्ज होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है।
प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजकिशोर ने सांसद प्रतिनिधि को आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कदम उठाए जाएंगे।

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