शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए झारखंड में 08 जनवरी तक सभी स्कूल बंद
प्री-नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाओं पर रोक, शिक्षकों को विद्यालय में रहकर करना होगा गैर-शैक्षणिक कार्य
रांची | HF News 24 | राज्य ब्यूरो
झारखंड में लगातार बढ़ती शीतलहर और कड़ाके की ठंड के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक अहम निर्णय लिया है। झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार राज्य में संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त (निजी) एवं अल्पसंख्यक विद्यालयों में 06 जनवरी 2026 से 08 जनवरी 2026 तक प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की सभी कक्षाएँ पूर्ण रूप से बंद रहेंगी।
यह आदेश 05 जनवरी 2026 को रांची से जारी किया गया है और पूरे राज्य में समान रूप से लागू होगा।
शीतलहर और ठंड के बढ़ते प्रभाव के कारण लिया गया फैसला
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि झारखंड में शीतलहर एवं ठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। सुबह और देर रात के समय तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे विशेष रूप से छोटे बच्चों और किशोर छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान सर्दी, खांसी, बुखार, दमा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह एहतियाती निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थियों को ठंड से होने वाली संभावित परेशानियों से बचाया जा सके।
किन विद्यालयों पर लागू होगा आदेश
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय झारखंड राज्य में संचालित—
- सभी सरकारी विद्यालय
- सभी गैर-सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय
- सभी गैर-सहायता प्राप्त (निजी) विद्यालय
- सभी अल्पसंख्यक विद्यालय
पर समान रूप से लागू होगा।
अर्थात राज्य के किसी भी जिले, प्रखंड या शहरी क्षेत्र में स्थित विद्यालय इस आदेश से बाहर नहीं होंगे।
कक्षाएँ बंद, लेकिन शिक्षक उपस्थित रहेंगे
आदेश का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि—
- भले ही छात्रों के लिए विद्यालय बंद रहेंगे,
- लेकिन सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी
👉 उक्त अवधि (06 से 08 जनवरी) के दौरान
👉 अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करेंगे।
इसका उद्देश्य यह है कि प्रशासनिक, शैक्षणिक रिकॉर्ड, योजनाओं से जुड़े कार्य और अन्य आवश्यक कार्यालयी गतिविधियाँ बाधित न हों।
प्री-बोर्ड/बोर्ड परीक्षा को लेकर क्या कहा गया है
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि—
यदि उक्त अवधि के दौरान किसी विद्यालय में प्री-बोर्ड या बोर्ड परीक्षा निर्धारित है,
तो—
👉 सक्षम प्राधिकारी अपने विवेकानुसार परीक्षा संचालन को लेकर निर्णय लेंगे।
यानी परीक्षा को स्थगित करना, समय में बदलाव करना या अन्य आवश्यक व्यवस्था करना संबंधित प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में होगा।
विभागीय सचिव की स्वीकृति के बाद जारी हुआ आदेश
इस आदेश के अंतिम बिंदु में यह स्पष्ट किया गया है कि—
“प्रस्ताव पर विभागीय सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।”
अर्थात यह निर्णय पूरी तरह विभागीय स्तर पर विचार-विमर्श और स्वीकृति के बाद लिया गया है, जिससे इसकी वैधता और गंभीरता और मजबूत हो जाती है।
अभिभावकों और छात्रों को बड़ी राहत
राज्य सरकार के इस फैसले से अभिभावकों में राहत की भावना देखी जा रही है। कई अभिभावकों का कहना है कि सुबह-सुबह बच्चों को ठंड में स्कूल भेजना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो गया था।
छोटे बच्चों के साथ-साथ किशोर छात्रों में भी ठंड के कारण बीमार पड़ने की शिकायतें बढ़ रही थीं। ऐसे में 08 जनवरी तक विद्यालय बंद रखने का निर्णय समयोचित और सराहनीय माना जा रहा है।
HF News 24 का विश्लेषण
HF News 24 का मानना है कि यह फैसला राज्य सरकार की संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासनिक सोच को दर्शाता है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए समय रहते लिया गया यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
साथ ही शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहकर गैर-शैक्षणिक कार्य करने का निर्देश देकर प्रशासनिक संतुलन भी बनाए रखा गया है।
आगे क्या हो सकता है
यदि आने वाले दिनों में शीतलहर और ठंड की स्थिति बनी रहती है, तो राज्य सरकार विद्यालय संचालन को लेकर आगे भी नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। मौसम की स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, झारखंड में शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए 06 जनवरी से 08 जनवरी 2026 तक सभी विद्यालयों में कक्षाएँ बंद रखने का निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से एक आवश्यक और जनहितकारी कदम है।
HF News 24
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