HF News 24 | रांची/झारखंड
झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी बीच झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने नामांकन प्रक्रिया से पहले उम्मीदवारों के लिए कई सख्त नियम और शर्तें स्पष्ट कर दी हैं।
इन नियमों का पालन न करने पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जा सकता है या बाद में उसकी उम्मीदवारी समाप्त भी हो सकती है।
राज्य निर्वाचन आयोग का साफ संदेश है कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और अनुशासित बनाए रखने के लिए नियमों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। ऐसे में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों के लिए यह जरूरी है कि वे नामांकन से पहले सभी नियमों को अच्छी तरह समझ लें।
1. दो-संतान नीति: सबसे सख्त और अहम नियम
नगर निकाय चुनाव में दो-संतान नीति को सख्ती से लागू किया गया है।
- जिन उम्मीदवारों के दो से अधिक बच्चे हैं
- और जिनकी अंतिम संतान का जन्म 9 फरवरी 2013 के बाद हुआ है
वे नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माने जाएंगे।
इस नियम में
- गोद लिए गए बच्चे
- जुड़वां संतान
भी शामिल की गई हैं।
इस प्रावधान का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना बताया गया है।
2. टैक्स क्लीयरेंस (No Dues) अनिवार्य
अगर किसी उम्मीदवार पर—
- नगर निगम / नगर परिषद / नगर पंचायत का
- होल्डिंग टैक्स, पानी टैक्स, किराया या कोई अन्य शुल्क
वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बकाया है, तो उसका नामांकन सीधे रद्द किया जा सकता है।
नामांकन से पहले उम्मीदवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके नाम पर कोई बकाया नहीं है।
3. स्व-घोषणा पत्र (Affidavit) देना अनिवार्य
प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन के समय एक शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा, जिसमें—
- संतान की संख्या
- टैक्स भुगतान की स्थिति
- व्यक्तिगत विवरण
स्पष्ट रूप से दर्ज होगा।
गलत जानकारी या तथ्य छुपाने पर
उम्मीदवारी तत्काल रद्द कर दी जाएगी और भविष्य में कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
4. चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा तय
चुनाव में धनबल पर रोक लगाने के लिए खर्च की सीमा तय की गई है—
- नगर निगम मेयर (10 लाख से अधिक आबादी): ₹25 लाख
- पार्षद: अधिकतम ₹5 लाख
तय सीमा से अधिक खर्च करना चुनावी अपराध माना जाएगा।
5. आयु सीमा: न्यूनतम 21 वर्ष अनिवार्य
नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की—
- न्यूनतम आयु 21 वर्ष
होनी अनिवार्य है।
कम आयु पाए जाने पर नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
6. मतदाता सूची में नाम होना जरूरी
प्रत्याशी का नाम—
- संबंधित नगरपालिका / नगर निगम क्षेत्र की मतदाता सूची में
होना अनिवार्य है।
बाहरी मतदाता या किसी अन्य निकाय की सूची में नाम होने पर नामांकन अमान्य हो सकता है।
7. अपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देना जरूरी
नामांकन के समय उम्मीदवार को—
- अपने अपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी
देनी होगी।
भगोड़े अपराधी (Proclaimed Offender) चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे।
गलत या अधूरी जानकारी देने पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
8. अमानत राशि (Security Deposit) अनिवार्य
चुनाव लड़ने के लिए निर्धारित जमानत राशि जमा करना आवश्यक है—
🔹 मेयर पद हेतु
- सामान्य वर्ग: ₹10,000
- आरक्षित वर्ग: ₹5,000
निर्धारित राशि जमा न करने पर नामांकन मान्य नहीं होगा।
9. आरक्षण नियम और जाति प्रमाण पत्र
आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए—
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र
प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
फर्जी या अमान्य प्रमाण पत्र पाए जाने पर नामांकन रद्द होगा।
10. बैठकों में लगातार अनुपस्थिति पर अयोग्यता
नगर निकाय के निवर्तमान सदस्य, जो—
- पिछली अवधि में
- बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहे हैं
उन्हें अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
यह नियम कार्य के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जोड़ा गया है।
नामांकन से पहले कहां देखें पूरी जानकारी
राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे नामांकन से पहले
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग
की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत दिशा-निर्देश अवश्य पढ़ लें।
HF News 24 विश्लेषण
झारखंड निकाय चुनाव 2026 में लागू ये नियम यह साफ संकेत देते हैं कि आयोग इस बार अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बेहद सख्त है।
दो-संतान नीति, टैक्स क्लीयरेंस और शपथ पत्र जैसे प्रावधान चुनावी राजनीति में गंभीर बदलाव ला सकते हैं।
निष्कर्ष
अगर आप नगर निकाय चुनाव 2026 में उम्मीदवार बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 10 नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है।
नामांकन से पहले सभी दस्तावेज पूरे करें, टैक्स क्लीयर रखें और सही जानकारी दें — तभी आपकी उम्मीदवारी सुरक्षित रहेगी।
रिपोर्ट — HF News 24 डेस्क
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