झारखंड स्थापना दिवस रजत जयंती समारोह : दारू से हजारीबाग तक उत्सव की गूंज


दारू में साइकिल रैली और हजारीबाग में भव्य सिलौथॉन—हजारों लोगों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव

हजारीबाग/दारू:
झारखंड स्थापना दिवस रजत जयंती समारोह का तीसरा दिन पूरे जिले में उत्साह, ऊर्जा और सांस्कृतिक गौरव से भर गया। जहां दारू प्रखंड में प्रशासन द्वारा भव्य साइकिल रैली निकाली गई, वहीं हजारीबाग शहर में सिलौथॉन (Cyclothon) कार्यक्रम में हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर समारोह को ऐतिहासिक बना दिया।


🌄 दारू में निकली साइकिल रैली

BDO हारून रशीद और CO रामबालक कुमार के नेतृत्व में छात्रों का उत्साह देखते बना

दारू सरस्वती हाई स्कूल मैदान से दारू थाना तक साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद, अंचलाधिकारी रामबालक कुमार, प्रखंड एवं अंचल कर्मी, शिक्षक और सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

रैली का उद्देश्य युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता, एकता और झारखंडी गर्व को मजबूत करना था।
छात्र–छात्राओं ने नारे लगाए, झंडे थामे और पूरे जोश के साथ रैली को सफल बनाया।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी ताली बजाकर प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया।


🚴‍♂️ हजारीबाग में Cyclothon — हजारों लोगों की भागीदारी

कैनरी हिल से झील एम्फी थिएटर तक फैली ऊर्जा की लहर

हजारीबाग शहर में झारखंड स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य सिलौथॉन का आयोजन किया गया।
इस भव्य साइकिल यात्रा की शुरुआत कैनरी हिल से हुई और इसका अंतिम पड़ाव रहा झील एम्फी थिएटर

हजारों की संख्या में शामिल प्रतिभागियों— युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और खेल प्रेमियों— ने इस साइकिल यात्रा को एक मिनी फेस्टिवल में बदल दिया।
रास्ते भर उत्साह, धुन, झारखंडी नारे और सांस्कृतिक जोश दिखाई दिया।


🎭 सांस्कृतिक प्रस्तुति— ‘Birsa Alo Re’ और मुखौटा नृत्य ने मन मोह लिया

Most Dedicated (M.D.) Group of Theatre, Hazaribag की शानदार परफॉर्मेंस

सिलौथॉन के बाद झील एम्फी थिएटर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।
Most Dedicated (M.D.) Group of Theatre, Hazaribag, Jharkhand द्वारा प्रस्तुत मनमोहक कार्यक्रम

  • ‘Birsa Alo Re…’ (बिरसा मुंडा को समर्पित प्रेरणादायक प्रस्तुति)
  • मुखौटा डांस (झारखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक झलक)

इन दोनों प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रंग-बिरंगे मुखौटे, झारखंडी संगीत, बिरसा मुंडा की वीरता और झारखंडी अस्मिता का संदेश पूरे मंच पर गूंजता रहा।


झारखंड स्थापना दिवस: एकता, संस्कृति और ऊर्जा का उत्सव

दारू की साइकिल रैली से लेकर हजारीबाग की सिलौथॉन तक—
रजत जयंती समारोह का तीसरा दिन स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति, युवा शक्ति और झारखंडी पहचान का भव्य संगम बन गया।

इन आयोजनों ने एक बार फिर साबित किया कि झारखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि ऊर्जा, कला, संस्कृति और परंपरा की जीवंत धरती है।


  ✍️ रिपोर्ट: Alok raj |  HF News 24 | संपादन : पंकज हिन्दुस्तानी


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