सुरक्षा और सम्मान पर फोकस
✍️ Pankaj Hindustani| Editor-in-Chief | HF News 24 | हजारीबाग
हजारीबाग जिले में महिला सशक्तिकरण, जागरूकता और सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और बहुआयामी कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय महिला आयोग की माननीय अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर जी एवं आयोग के सदस्यगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस दौरे के दौरान शिक्षा संस्थानों, प्रशासनिक सभागारों और पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद कर महिला अधिकार, लैंगिक समानता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती देने का संदेश दिया गया।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संदेश: संत कोलंबस कॉलेज में Campus Calling Programme
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने संत कोलंबस कॉलेज, हजारीबाग में आयोजित Campus Calling Programme के माध्यम से युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं और युवाओं की भूमिका निर्णायक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को लैंगिक समानता, महिला सम्मान और डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
अध्यक्ष ने विशेष रूप से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में कानूनी सहायता लेने से न हिचकने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि सजग और संवेदनशील बने, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।

POSH अधिनियम पर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला: कार्यस्थलों को सुरक्षित बनाने पर जोर
दौरे के क्रम में नगर निगम सभागार, हजारीबाग में POSH अधिनियम (कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम) को लेकर एक प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में लोकल कमेटी (LC) और इंटरनल कमेटी (IC) के सदस्यों को अधिनियम की विस्तृत जानकारी, प्रक्रियागत प्रावधानों और जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि:
- शिकायतों की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है
- सुनवाई प्रक्रिया संवेदनशील और निष्पक्ष होनी चाहिए
- पीड़िता को भयमुक्त वातावरण प्रदान किया जाए
आयोग की अध्यक्षा ने कहा कि POSH अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि कार्यस्थलों पर सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने का माध्यम है।

पुलिस और प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक: महिला अपराधों पर सख्त निर्देश
राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने वरीय पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में महिला अपराध, बाल विवाह, पोक्सो अधिनियम, साइबर अपराध और सामाजिक कुरीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अध्यक्ष विजया रहाटकर जी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
- पोक्सो और बाल विवाह जैसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए
- साइबर अपराधों के प्रति विशेष सतर्कता बरती जाए
- पीड़िताओं को कानूनी, मानसिक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

महिला सम्मान, सुरक्षा और समानता के प्रति प्रतिबद्ध प्रशासन
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि हजारीबाग प्रशासन महिला सम्मान, सुरक्षा और समानता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि महिला सहायता से जुड़े तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि पीड़िताओं को समय पर न्याय और सहायता मिल सके।
HF News 24 विश्लेषण
राष्ट्रीय महिला आयोग की यह पहल हजारीबाग के लिए केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और प्रशासनिक सक्रियता का मजबूत संदेश है।
शिक्षा संस्थानों में युवाओं से संवाद, कार्यस्थलों पर POSH अधिनियम की मजबूती और पुलिस प्रशासन के साथ समीक्षा—इन तीनों स्तरों पर कार्यक्रमों ने यह साबित किया कि महिला सशक्तिकरण बहुस्तरीय प्रयासों से ही संभव है।

निष्कर्ष
हजारीबाग में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर जी एवं सदस्यगण का यह दौरा महिला अधिकारों, जागरूकता और सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में याद किया जाएगा।
इन कार्यक्रमों ने न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, बल्कि प्रशासन और समाज को यह संदेश भी दिया कि सुरक्षित, समान और सम्मानजनक समाज का निर्माण तभी संभव है, जब महिला सशक्तिकरण को वास्तविक रूप से लागू किया जाए।
रिपोर्ट — HF News 24 डेस्क | सच्चाई की पहल https://chat.whatsapp.com/GPVSxk0fZqiBY2yKPTZsed?mode=ems_copy_t






