गांधी मैदान बना ऐतिहासिक गवाह
✍️ Pankaj Hindustani | Editor-in-Chief | HF NEWS 24
पटना : बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय दर्ज हो गया। जेडीयू नेता नितीश कुमार ने मंगलवार, 20 नवंबर 2025 को लगातार दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक इतिहास में एक असाधारण उपलब्धि है, जिसने नितीश कुमार को राज्य की राजनीति के सबसे स्थायी और प्रभावशाली नेताओं में शामिल कर दिया है।
शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित हुआ, जहां हजारों लोगों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
भव्य शपथ समारोह — राष्ट्रीय स्तर की हस्तियों की मौजूदगी
राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने नितीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस मौके पर कई राष्ट्रीय नेता मौजूद रहे, जिनमें—
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
- भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा
- कई राज्यों के मुख्यमंत्री
- एनडीए गठबंधन के शीर्ष नेता
शामिल रहे। पूरा गांधी मैदान उनकी उपस्थिति में जश्न और उल्लास से गूंज उठा।
चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत
2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया।
इस परिणाम ने साबित किया कि—
- जनता ने नितीश कुमार की नीतियों पर भरोसा जताया,
- “सुशासन” मॉडल अब भी प्रभावशाली है,
- और गठबंधन राजनीति में उनकी पकड़ मजबूत है।
इन परिणामों के बाद जेडीयू और भाजपा नेताओं ने सर्वसम्मति से नितीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री पद के लिए चुना।
नितीश कुमार की राजनीतिक यात्रा—सफलता का अनोखा अध्याय
दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालकर नितीश कुमार ने एक ऐसी उपलब्धि दर्ज की है, जो भारत में बहुत कम नेता हासिल कर पाते हैं।
उनकी राजनीति की खासियत रही है—
- विकास और प्रशासनिक स्थिरता,
- कानून व्यवस्था पर फोकस,
- परिवर्तनशील परिस्थितियों में नई रणनीति गढ़ने की क्षमता,
- और विपक्ष व सहयोगियों दोनों के साथ संतुलन बनाए रखने की कला।
राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद उनका प्रभाव कम नहीं हुआ, बल्कि समय-समय पर और मजबूत होता गया।
नई सरकार के सामने चुनौतियाँ
दसवीं बार सत्ता में लौटना जितना उल्लेखनीय है, उतनी ही बड़ी चुनौतियाँ भी सामने हैं—
- रोजगार और उद्योग
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुधार
- बाढ़-सूखा प्रबंधन
- जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत
- युवाओं में बढ़ती नाराजगी को दूर करना
नितीश कुमार ने शपथ के बाद कहा कि उनकी प्राथमिकता रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आधारभूत ढांचा रहेगा।
समर्थकों में खुशी—सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़
शपथ ग्रहण के बाद पटना से लेकर गांव-कस्बों तक जश्न का माहौल रहा।
समर्थकों ने मिठाइयाँ बांटीं, पोस्टर लगाए, और सोशल मीडिया पर बधाइयां देते हुए उन्हें “सुशासन बाबू” और “विकास का चेहरा” कहा।
HF NEWS 24 का विश्लेषण
नितीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि एक विशाल जनादेश का प्रतीक है।
यह बताता है कि बिहार की राजनीति में उनकी स्वीकार्यता आज भी बेहद मजबूत है।
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उनका दसवाँ कार्यकाल राज्य के विकास में कितना प्रभावशाली साबित होता है।
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