जलजमाव, गंदगी और दुर्गंध से लोग त्रस्त, स्थायी समाधान की मांग तेज
हजारीबाग | HF NEWS 24
हजारीबाग शहर का ओमपुरी मोहल्ला इन दिनों गंभीर गंदगी, जलजमाव और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहा है। नाम में पवित्रता भले हो, लेकिन सड़कों पर फैला नाली का गंदा पानी इस इलाके की तस्वीर बिल्कुल विपरीत दिखाता है। बारिश थम चुकी है, फिर भी मोहल्ले में लगातार गंदा पानी फैल रहा है और स्थानीय सफाई तंत्र पूरी तरह नज़रअंदाज दिखाई दे रहा है।
दैनिक जीवन नारकीय, गलियों में कदम रखते ही मुश्किलें शुरू
ओमपुरी मोहल्ला दो मुख्य सड़कों से जुड़ा होने के बावजूद अंदरुनी गलियों की स्थिति बेहद खराब है। नालियों के जाम और कई जगहों पर टूट जाने से गंदा पानी 24 घंटे सड़कों पर बहता रहता है।
- पैदल चलना मुश्किल
- बाइक व स्कूटी सवारों का फिसलकर गिरना आम बात
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए जोखिम बढ़ा
स्थानीय लोग इसे ‘नारकीय स्थिति’ बताते हुए कहते हैं कि घर से बाहर निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं।
जाम नालियां, अधूरा निर्माण और टूटे ढांचे से हालात बिगड़े
मोहल्ले के कई हिस्सों में नालियां पूरी तरह जाम हैं, जबकि कई जगहों पर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। जहां नाली टूटी है, वहां से लगातार गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है।
लोगों का कहना है—
- यदि नालियां समय पर साफ होतीं, तो पानी ओवरफ्लो नहीं करता
- अधूरे निर्माण ने समस्या और बढ़ा दी
- नालियों पर स्लैब नहीं होने से बड़े हादसे का खतरा
कचरा निपटान व्यवस्था ठप, पूरा इलाका बना ‘ओपन डंपयार्ड’
मोहल्ले में एक भी डस्टबिन नहीं लगाया गया है। नगर निगम की कचरा वाहन भी नियमित नहीं आती। नतीजा—खाली जमीनें कचरा फेंकने की जगह बन गई हैं, जहां से भीषण दुर्गंध फैल रही है।
- आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ी
- बच्चों पर हमले की घटनाओं का डर
- गर्मी में बदबू असहनीय
- बरसात में कचरा मिश्रित पानी सड़कों पर फैल जाता है
स्थानीय लोगों का मत है कि क्षेत्र में कम से कम 5 डस्टबिन लगाए जाएं और कचरा उठाव दैनिक आधार पर हो।
मच्छरों का प्रकोप, फॉगिंग डेढ़ साल से बंद
गंदगी और पानी के जमाव की वजह से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है।
- रातभर लोग मच्छरों से परेशान
- संक्रमण व बीमारियों का खतरा
- डेढ़ साल से फॉगिंग नहीं हुई
लोगों का कहना है कि नालियों में ब्लीचिंग और दवा छिड़काव तुरंत शुरू किया जाना चाहिए।
छात्र, कर्मचारी और बुजुर्गों की बड़ी आबादी—फिर भी व्यवस्था नदारद
मोहल्ले में बड़ी संख्या में
- कॉलेज छात्र व हॉस्टल निवासी
- सरकारी कर्मचारी
- सेवानिवृत्त कर्मचारी
रहते हैं।
इसके बावजूद बुनियादी सफाई व्यवस्था का अभाव लोगों के लिए शर्मनाक स्थिति पैदा कर रहा है। कई लोग बताते हैं कि रिश्तेदारों को इस मोहल्ले में लाने में भी हिचकिचाहट होती है।
स्थानीय प्रतिक्रियाएं—“समस्या पुरानी, समाधान का इंतज़ार लंबा”
निवासियों ने बताया—
- “नगर निगम से कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं दिखी।”
- “सुबह पूजा करने जाना भी मुश्किल—हर बार गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।”
- “सड़क पर दिन-रात बदबूदार पानी बहता है।”
नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
बिपिन कुमार, सहायक नगर आयुक्त, ने कहा—
“यदि विस्तृत आवेदन दिया जाए तो सफाई, नाली मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाओं की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।”
आनंद देव, पूर्व ड्यूटी मेयर, ने स्वीकार किया—
“समस्या गंभीर है और नगर निगम को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। गलियां संकरी होने से बड़ी गाड़ी नहीं पहुंच पाती, पर समाधान ढूँढना जरूरी है।”
लोगों की प्रमुख मांगें
- नालियों की तत्काल सफाई
- अधूरे निर्माण का पूरा होना
- डस्टबिन की व्यवस्था
- कचरा उठाव की नियमित व्यवस्था
- फॉगिंग और ब्लीचिंग की शुरुआत
- गंदे पानी का स्थायी समाधान
निष्कर्ष
ओमपुरी मोहल्ला हजारीबाग के शहरी ढांचे का एक ऐसा उदाहरण है, जहाँ बुनियादी सफाई और जलनिकासी प्रणाली के अभाव ने जीवन को कठिन बना दिया है। स्थानीय निवासियों की अपेक्षा अब सिर्फ एक है—शब्द नहीं, ठोस कार्रवाई।
https://chat.whatsapp.com/GPVSxk0fZqiBY2yKPTZsed?mode=ems_copy_t






