✍️ Pankaj Hindustani | Editor-in-Chief | HF News 24
केरेडारी (हजारीबाग):
पेटो पंचायत में आयोजित 11 दिवसीय बुढ़िया माता शतचंडी महायज्ञ के समापन पर हुआ भव्य भक्ति जागरण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और कला का ऐसा अद्भुत उत्सव बन गया, जिसने हर श्रद्धालु के दिल को छू लिया। मंच पर मौजूद हर कलाकार ने अपनी प्रस्तुति से ऐसा जादू बिखेरा कि पूरी रात भक्ति और उत्साह के रंग में रंगी रही।
जब सुरों में उतरी भक्ति…
भजन गायिका पल्लवी झा की मधुर, कोमल और भावनाओं से भरी आवाज़ ने जैसे ही वातावरण को छुआ, पूरा पंडाल श्रद्धा में डूब गया। उनके भजन “पांव पैजनिया” और “राम सिया राम हमर दुल्हवा” ने भक्तों की आंखों में आस्था की चमक ला दी।
वहीं पायल बनारसी (पगली) ने अपनी ऊर्जावान और जोशीली प्रस्तुति से माहौल को रोमांच से भर दिया। “होली खेले मसाने में” और “ॐ नमः शिवाय” पर श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए।

अनुभवी आवाज़ों का शानदार संगम
भजन गायक विनय मिश्र और शंकर गोस्वामी ने अपनी गूंजती आवाज़ और सधी हुई प्रस्तुति से कार्यक्रम को एक नई गहराई दी। उनकी गायकी में भक्ति की गंभीरता और सुरों की मिठास का अनोखा संगम देखने को मिला, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच की धड़कन बने राहुल राज सनातनी
एंकर राहुल राज सनातनी ने अपने दमदार अंदाज, ऊर्जावान आवाज़ और बेहतरीन संवाद शैली से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। उन्होंने न केवल कलाकारों को शानदार तरीके से प्रस्तुत किया, बल्कि अपनी उपस्थिति से हर पल को खास बना दिया। उनकी एंकरिंग ने इस भक्ति जागरण को एक भव्य अनुभव में बदल दिया।
जब झांकियों में उतरी दिव्यता…
कानपुर से आए कलाकारों ने अघोरी रूप में तांडव प्रस्तुत कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। काली मां, दुर्गा मां, राम, रावण और हनुमान की जीवंत झांकियों ने ऐसा दिव्य दृश्य प्रस्तुत किया कि पूरा माहौल भक्तिमय ऊर्जा से भर उठा।
बेहतरीन प्रबंधन, शानदार प्रस्तुति
मनोहर म्यूजिकल ग्रुप के डायरेक्टर मनोहर साहू के नेतृत्व में पूरे कार्यक्रम का संचालन और प्रस्तुति अत्यंत शानदार रही। मंच, संगीत और व्यवस्थाओं का तालमेल इतना सटीक था कि हर प्रस्तुति दर्शकों के दिल में उतरती चली गई।

आस्था का सैलाब, उत्साह का जश्न
हजारीबाग और चतरा समेत दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को भव्यता की नई ऊंचाई दी। तालियों की गूंज, जयकारों की आवाज़ और भक्ति का उत्साह पूरे वातावरण में स्पष्ट महसूस किया जा रहा था।
निष्कर्ष:
यह भक्ति जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, कला और सामूहिक समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गया। सभी कलाकारों ने मिलकर ऐसा अद्भुत माहौल रचा, जो लंबे समय तक श्रद्धालुओं के दिलों में जीवंत रहेगा।






