🖋️ टेक्नोलॉजी डेस्क | HF NEWS 24
📅 07 नवंबर 2025, पंकज हिन्दुस्तानी
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत कार्यरत इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने Google Android ऑपरेटिंग सिस्टम में पाई गई गंभीर कमजोरियों पर हाई-सीवेरिटी अलर्ट जारी किया है।
इन सिक्योरिटी बग्स का फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स के डेटा तक पहुंच सकते हैं, मैलवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं, या यहां तक कि डिवाइस को क्रैश भी कर सकते हैं।
🔹 क्या कहा गया है CERT-In की एडवाइजरी में?
CERT-In ने अपनी हाई-सीवेरिटी एडवाइजरी (CIVN-2025-0293) में कहा है कि
Google Android OS में पाई गई कई कमजोरियां अटैकर्स को डिवाइस पर एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सेस या मनमाने कोड (arbitrary code) चलाने की अनुमति देती हैं।
यह स्थिति यूजर डेटा की सुरक्षा और सिस्टम स्थिरता दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
🔹 कौन-से Android डिवाइस प्रभावित हैं?
CERT-In के अनुसार, यह कमजोरियां Android 13, 14, 15 और 16 वर्ज़न वाले डिवाइसेज़ को प्रभावित कर सकती हैं —
यानि लगभग सभी आधुनिक Android स्मार्टफोन्स इसके दायरे में आते हैं।
इनमें प्रमुख ब्रांड्स शामिल हैं:
Samsung, OnePlus, Xiaomi, Realme, Vivo, Oppo, Motorola और Google Pixel आदि।
कमजोरियां Qualcomm, MediaTek, NVIDIA, Broadcom और UNISOC जैसे कंपनियों द्वारा बनाए गए
हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कंपोनेंट्स से जुड़ी हैं, जिनका ज़िक्र Google के November 2025 Android Security Bulletin में किया गया है।
🔹 क्या हो सकता है खतरा?
इन बग्स का दुरुपयोग होने पर —
- हैकर्स डिवाइस का पूरा नियंत्रण ले सकते हैं।
- निजी डेटा, फोटो, कॉन्टैक्ट्स और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है।
- मालवेयर इंस्टॉल कर डिवाइस को क्रैश कराया जा सकता है।
- स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी और IoT डिवाइसेज़ सभी प्रभावित हो सकते हैं।
CERT-In ने इसे “हाई-रिस्क” कैटेगरी में रखा है और चेतावनी दी है कि
पुराने या बिना अपडेट वाले डिवाइस सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं।
🔹 कैसे रहें सुरक्षित? — CERT-In की सलाह
यूजर्स को अपने डिवाइस की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए 👇
- नवीनतम सिक्योरिटी पैच अपडेट तुरंत इंस्टॉल करें।
- थर्ड पार्टी या अनजान सोर्स से ऐप डाउनलोड न करें।
- सिस्टम और ऐप्स के ऑटोमैटिक अपडेट्स ऑन रखें।
- Google Play Protect सक्रिय रखें ताकि संभावित खतरों की पहचान हो सके।
- किसी संदिग्ध लिंक या ईमेल अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें।
CERT-In ने यह भी कहा है कि Google और अन्य स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां पहले से इस समस्या के समाधान पर काम कर रही हैं।
आने वाले हफ्तों में नए सिक्योरिटी अपडेट जारी किए जाएंगे।
🧩 HF NEWS 24 की राय
स्मार्टफोन आज हमारी पहचान, बैंकिंग और संचार का केंद्र हैं।
इसलिए हर यूजर को चाहिए कि वह सिस्टम अपडेट को नज़रअंदाज़ न करे और अपने डिवाइस को हमेशा अप-टू-डेट रखे।
सावधानी ही साइबर सुरक्षा की पहली दीवार है।

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