प्रबंध संपादक : आलोक राज | HF NEWS 24 Editor-in-Chief : Pankaj Hindustani
शिक्षा, संवेदना और पर्यावरण संरक्षण का ऐतिहासिक संगम
दारू (हजारीबाग) : दारू प्रखंड में शिक्षा के क्षेत्र में एक शानदार और प्रेरणादायक क्रांति की शुरुआत हुई है। सुल्तानी यादव टोला, बड़वार स्थित श्री नारायणन एकेडमी ने एक ऐतिहासिक पहल की है, जहाँ नामांकन प्रक्रिया (Admission Process) की शुरुआत पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से की गई।
इस अनोखी शुरुआत ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है और इसे शिक्षा के साथ-साथ समाजिक संवेदना और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने की अभूतपूर्व मिसाल माना जा रहा है।
शिक्षा की शुरुआत प्रकृति की गोद में — एक यादगार दृश्य
कार्यक्रम की सुबह जैसे ही सूरज की किरणें विद्यालय परिसर में फैलीं, पूरा वातावरण जीवंत हो उठा।
विद्यालय के मुख्य परिसर में बच्चे, अभिभावक, ग्रामीण और विद्यालय परिवार बड़ी संख्या में उपस्थित थे और सभी की निगाहें उस क्षण पर टिकी थीं, जो आने वाले समय में शिक्षा के इतिहास में एक मील का पत्थर बनने वाला था।
सहायक प्रधानाध्यापिका स्मिता सिन्हा ने नन्हे विद्यार्थियों के हाथों में पौधे सौंपकर नामांकन प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस दृश्य ने कार्यक्रम को केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं रहने दिया, बल्कि इसे भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण बना दिया।
बच्चों के हाथों में पौधे, चेहरे पर मुस्कान, मन में सपने और भविष्य के प्रति आशा — इस दृश्य ने पूरे क्षेत्र को प्रेरित कर दिया।
“एक पौधा = एक भविष्य” — बच्चों की आवाज़ ने सबका दिल जीत लिया
जैसे ही पौधारोपण शुरू हुआ, बच्चों ने सामूहिक रूप से एक संदेश दिया जिसने उपस्थित लोगों की आँखों को नम कर दिया:
“जैसे-जैसे यह पौधा बढ़ेगा, वैसे-वैसे हमारी पढ़ाई और हमारी तरक्की भी बढ़ेगी।”
इस मासूम, लेकिन गहरी बात ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया कि
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं — बल्कि संस्कारों, भावनाओं और धरती के प्रति कर्तव्य का भी नाम है।
ग्रामीणों ने जोरदार तालियों से बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
यह क्षण केवल पौधा रोपने का नहीं, बल्कि दारू प्रखंड के भविष्य को नई दिशा देने का था।

स्मिता सिन्हा की सोच — शिक्षा को जीवन मूल्यों से जोड़ने वाली पहल
सहायक प्रधानाध्यापिका स्मिता सिन्हा, जो विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन, और पाठ्यक्रम विकास की प्रमुख स्तंभ हैं, उन्होंने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा:
“सच्ची शिक्षा वही है जो बच्चों में संवेदना, जिम्मेदारी और मानवता के बीज बोती है। प्रकृति, समाज और नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षा का मेल ही आधुनिक शिक्षा का वास्तविक आधार है। श्री नारायणन एकेडमी का उद्देश्य केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि उत्कृष्ट इंसान तैयार करना है।”
उनकी बातों के बाद पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।
ग्रामीणों ने कहा कि “हमारी उम्मीदों को दिशा देने वाली ऐसी शिक्षिका हमारे क्षेत्र के लिए सौभाग्य है।”
दारू में खुशी की लहर — ग्रामीणों की सालों पुरानी उम्मीद पूरी
सालों से ग्रामीण एक ऐसे आधुनिक विद्यालय की कमी महसूस कर रहे थे जहाँ बच्चों को बेहतर शिक्षा, तकनीकी सुविधाएँ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
श्री नारायणन एकेडमी की स्थापना से वह सपना अब साकार हो चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें अपने बच्चों की शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
बच्चों ने भी नए विद्यालय के प्रति उत्साह व्यक्त किया और कहा कि वे Smart Classroom, Computer Lab, Science Lab और Sports Training जैसी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं।
विद्यालय की आधुनिक सुविधाएँ — भविष्य के निर्माण की मजबूत नींव
विद्यालय परिसर लगभग 2 एकड़ में फैला हुआ है और अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है:
🔸 Digital Smart Classrooms
21वीं सदी के तकनीकी शैक्षणिक मॉडल पर आधारित डिजिटल कक्षाएँ
🔸 कंप्यूटर लैब
हाई-टेक कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल ट्रेनिंग वातावरण
🔸 विज्ञान प्रयोगशाला
प्रयोग आधारित विज्ञान शिक्षण के लिए आधुनिक उपकरण
🔸 विशाल लाइब्रेरी
अनुसंधान, आत्मविकास और अध्ययन के लिए शांत वातावरण
🔸 स्पोर्ट्स और फिजिकल ट्रेनिंग
क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल सुविधाएँ
🔸 सुरक्षा व्यवस्था
CCTV निगरानी, स्वच्छ परिसर और प्रशिक्षित शिक्षक
विद्यालय प्रबंधन का वादा:
“हम आने वाले समय में श्री नारायणन एकेडमी को प्रखंड का मॉडल स्कूल बनाएंगे।”
10 दिसंबर से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ — दो कार्यालय कार्यरत
नामांकन प्रक्रिया 10 दिसंबर से शुरू हो गई है।
पूछताछ, दस्तावेज़, परामर्श (Counselling) और प्रवेश संबंधी सभी सेवाओं के लिए दो कार्यालय कार्यरत हैं:
1. श्री नारायणन एकेडमी विद्यालय परिसर, सुल्तानी यादव टोला, बड़वार
2. सैटेलाइट ऑफिस — माँ दुर्गा कॉम्प्लेक्स, पुराना दुर्गा मंडप, दारू चौक
📞 Admission Helpline: 7488040808
इस सैटेलाइट कार्यालय के माध्यम से अभिभावकों को लंबी यात्रा और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।

HF News 24 विश्लेषण
श्री नारायणन एकेडमी का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में नैतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों के साथ शिक्षा को जोड़ने का नया आयाम है।
पौधारोपण आधारित नामांकन प्रक्रिया इस बात की मिसाल है कि—
“जहाँ शिक्षा प्रकृति के बीज के साथ शुरू होती है, वहाँ समाज का भविष्य निश्चित रूप से हरा-भरा और सफल होता है।”
दारू प्रखंड के लिए यह केवल एक विद्यालय की स्थापना नहीं,
बल्कि आने वाली पीढ़ी के सपनों की नींव रखने वाला ऐतिहासिक निर्णय है।
समापन
श्री नारायणन एकेडमी ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा केवल भवन और कक्षाओं से नहीं बनती,
बल्कि विचार, संवेदना, जिम्मेदारी और मानवता से बनती है।
पौधारोपण के माध्यम से नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत शिक्षा में क्रांति का वह पहला पन्ना है, जिसे दारू आने वाली पीढ़ियों तक याद रखेगा।
रिपोर्ट — HF News 24 डेस्क
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