श्री नारायणन एकेडमी का ऐतिहासिक उद्घाटन संपन्न, शिक्षा को मिला प्रशासनिक संबल


जनप्रतिनिधियों के संकल्प और SDPO के मार्गदर्शन से दारू के बच्चों का भविष्य सुरक्षित

✍️ Pankaj Hindustani |  Editor-in-Chief | HF News 24 | दारू (हजारीबाग), झारखंड

दारू प्रखंड के इतिहास में 28 जनवरी 2026 एक ऐसा दिन बनकर दर्ज हो गया, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ शिक्षा के स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद करेंगी। सुल्तानी, बड़वार स्थित श्री नारायणन एकेडमी का भव्य उद्घाटन समारोह पूरे वैभव, गरिमा और जनसमर्थन के साथ संपन्न हुआ।
यह समारोह केवल एक विद्यालय के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा, प्रशासनिक संरक्षण, जनप्रतिनिधियों के संकल्प और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सामूहिक घोषणा बन गया।

विद्यालय परिसर सुबह से ही उत्सव स्थल में तब्दील हो चुका था। आकर्षक सजावट, सुव्यवस्थित मंच, अनुशासनबद्ध व्यवस्था और बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों, अभिभावकों, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों और विद्यार्थियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।


सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ शिक्षा के नए युग का शुभारंभ

उद्घाटन समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब हजारीबाग सदर के माननीय विधायक श्री प्रदीप प्रसाद ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर श्री नारायणन एकेडमी का विधिवत उद्घाटन किया।
यह क्षण न केवल औपचारिक था, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा के पुनर्जागरण का प्रतीक भी बना।

अपने प्रभावशाली संबोधन में विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा—

“श्री नारायणन एकेडमी जैसे विद्यालय केवल इमारत नहीं होते, ये भविष्य गढ़ने की प्रयोगशालाएँ होते हैं। अगर इस विद्यालय को किसी भी प्रकार की सहायता — आर्थिक हो या संसाधन संबंधी — की आवश्यकता पड़े, तो मैं स्वयं और सरकार हर संभव सहयोग के लिए सदैव तैयार रहेंगे।”

उनके इन शब्दों ने मंच से लेकर जनसमूह तक विश्वास और सुरक्षा का संदेश पहुँचा दिया।


बरकट्ठा विधायक अमित यादव का आगमन

करीब 11:30 बजे समारोह में बरकट्ठा के माननीय विधायक श्री अमित यादव पहुंचे। उन्होंने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया और व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा—

“श्री नारायणन एकेडमी ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए एक अवसर नहीं, बल्कि एक वरदान है। अगर विद्यालय गुणवत्ता, अनुशासन और मूल्यों के साथ आगे बढ़े, तो यहाँ से निकले छात्र पूरे झारखंड का नाम रोशन करेंगे।”

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को बेहतर संचालन और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।


SDPO का संबोधन बना समारोह की आत्मा — बच्चों के भविष्य को मिला दिशा-सूचक

उद्घाटन समारोह का सबसे भावनात्मक, प्रभावशाली और दूरगामी प्रभाव छोड़ने वाला क्षण तब आया, जब विशिष्ट अतिथि एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़ श्री बैजनाथ प्रसाद ने मंच से बच्चों और अभिभावकों को संबोधित किया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—

“मैं स्वयं इस विद्यालय में आकर बच्चों के लिए मोटिवेशनल क्लास लूंगा। मैं उन्हें बताऊँगा कि भविष्य में क्या करना चाहिए, लक्ष्य कैसे तय करें, अनुशासन क्यों ज़रूरी है और जीवन में आगे बढ़ने का सही रास्ता क्या है।”

उन्होंने आगे कहा—

“आज के बच्चे अगर सही मार्गदर्शन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो कोई भी ताकत उन्हें सफल होने से नहीं रोक सकती। प्रशासन ऐसे सकारात्मक प्रयासों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।”

SDPO का यह वक्तव्य सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि बच्चों के लिए मार्गदर्शक दीपस्तंभ बन गया।
उनके साथ दारू थाना प्रभारी मोहम्मद इकबाल हुसैन की मौजूदगी ने कार्यक्रम को प्रशासनिक रूप से और भी मजबूत बना दिया।


जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेतृत्व की मजबूत उपस्थिति

समारोह में कई अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही—

  • श्रीमती गीता देवी — जिला परिषद सदस्य, दारू
  • श्रीमती कुमारी श्वेता — प्रमुख, दारू प्रखंड
  • श्रीमती अनिता देवी — मुखिया, इरगा पंचायत

सभी ने एक स्वर में श्री नारायणन एकेडमी को दारू प्रखंड के भविष्य का आधार बताया।


सम्मान समारोह — सहयोग को मिला मंच

कार्यक्रम के दौरान सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, पत्रकारों तथा विद्यालय निर्माण और संचालन में सहयोग करने वाले ग्रामीणों को सम्मानित किया गया।
यह दृश्य सामाजिक सहभागिता और सामूहिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण बना।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, मंच बना प्रतिभा और संस्कारों का उत्सव

श्री नारायणन एकेडमी के भव्य उद्घाटन समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरे आयोजन का सबसे आकर्षक और यादगार हिस्सा बनकर उभरे। जैसे ही मंच से संगीत की पहली धुन गूंजी, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से भर उठा।

विद्यालय संचालक के पूर्व विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने यह सिद्ध कर दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि कला, संस्कृति और आत्म-अभिव्यक्ति भी उसके अभिन्न अंग हैं।
नृत्य, गीत और समूह प्रस्तुतियों में बच्चों का आत्मविश्वास, अनुशासन और अभ्यास साफ झलक रहा था।

पारंपरिक लोकनृत्य से लेकर आधुनिक प्रस्तुति तक, हर कार्यक्रम ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। कहीं झारखंडी लोकसंस्कृति की झलक दिखी, तो कहीं देशभक्ति और सामाजिक संदेश से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने सभी को गर्व से भर दिया।


संगीत और भावनाओं का सुंदर संगम

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान मंच पर प्रस्तुत गीतों और नृत्यों ने ऐसा माहौल बना दिया, मानो पूरा परिसर एक सांस्कृतिक उत्सव में तब्दील हो गया हो।
हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गूंज यह दर्शा रही थी कि दर्शक बच्चों की प्रतिभा से कितने प्रभावित हैं।

विशेष आकर्षण बने प्रोफेशनल सिंगर सतीश कुमार, जिनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण गायन ने कार्यक्रम को ऊँचाई पर पहुँचा दिया। उनके गीतों पर दर्शक भावविभोर होते नजर आए और कई लोग ताल से ताल मिलाते दिखे।


हास्य ने बढ़ाया उल्लास

कार्यक्रम के दौरान पंकज हिंदुस्तानी की धमाकेदार कॉमेडी प्रस्तुति ने हंसी का माहौल बना दिया।
उनकी चुटीली शैली और सामाजिक संदेश से भरपूर हास्य ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया और कार्यक्रम में आनंद का रंग घोल दिया।


प्रतिभा, संस्कार और आत्मविश्वास की झलक

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्री नारायणन एकेडमी बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देती है।
मंच पर खड़े बच्चों का आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रस्तुति-कौशल इस बात का प्रमाण था कि विद्यालय आने वाले समय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति और कला का भी मजबूत केंद्र बनेगा।

कार्यक्रम के अंत तक दर्शक मंच से नज़रें हटाने को तैयार नहीं थे।
यह कहना गलत नहीं होगा कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उद्घाटन समारोह को सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बना दिया।


सशक्त मंच संचालन

पूरे कार्यक्रम का सधा हुआ और प्रभावी मंच संचालन
निशांत सिन्हा एवं रोशन सिन्हा द्वारा किया गया, जिससे कार्यक्रम की गति और गरिमा दोनों बनी रही।


विद्यालय प्रबंधन का विज़न

विद्यालय के निदेशक आशीष रावत और उप-प्रधानाचार्या स्मिता सिन्हा ने स्पष्ट कहा—

“श्री नारायणन एकेडमी केवल स्कूल नहीं, बल्कि ग्रामीण बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है। हमारा लक्ष्य है — शिक्षा, संस्कार और सही मार्गदर्शन।”


HF News 24 विश्लेषण

यह उद्घाटन समारोह दारू प्रखंड के लिए शिक्षा + प्रशासन + समाज के मजबूत गठबंधन का प्रतीक बन गया।
विशेष रूप से SDPO द्वारा बच्चों को मार्गदर्शन देने की घोषणा ने इस विद्यालय को सिर्फ शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण केंद्र बना दिया।


निष्कर्ष

श्री नारायणन एकेडमी का उद्घाटन दारू के लिए सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक संदेश है —
“अब ग्रामीण बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।”


रिपोर्ट — HF News 24 डेस्क
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