बरकठा अंचल कार्यालय ने जारी किया आम इश्तिहार — सूर्यकुंड मेले की तैयारी शुरू


वर्ष 2025-26 के लिए स्टॉल नीलामी हेतु आवेदन आमंत्रित; न्यूनतम सुरक्षा राशि ₹2,68,709 निर्धारित

HF News 24 | हजारीबाग / बरकठा प्रतिनिधि

हजारीबाग जिले के बरकठा प्रखंड में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ एवं पर्यटन स्थल सूर्यकुंड में आयोजित होने वाले वार्षिक सूर्यकुंड मेला 2026 की तैयारियाँ प्रशासनिक स्तर पर जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में अंचल अधिकारी, बरकठा कार्यालय द्वारा आम जनता, व्यवसायियों, सामाजिक संगठनों और इच्छुक निविदा-दाताओं के लिए आम इश्तिहार (General Tender Notice) जारी किया गया है।

यह आम इश्तिहार उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद हजारीबाग के आदेशांक-497/वित्त / दिनांक 02-12-2025 के निर्देश पर जारी किया गया है। आदेशानुसार, पंचायत क्षेत्र मोड़ां–सूर्यकुंड में वर्ष 2025-26, 2026-27 एवं 2027-28 (तीन वर्षों) के लिए सूर्यकुंड मेला आयोजन हेतु स्टॉल/दुकान/घाट नीलामी और डाक-प्रक्रिया के माध्यम से आवंटन किया जाएगा।

सूर्यकुंड मेला क्षेत्र की न्यूनतम सुरक्षित जमा राशि ₹2,68,709 (छः लाख सत्तासी हजार सात सौ नौ रुपये मात्र) निर्धारित की गई है, जबकि डाक/बोली के लिए न्यूनतम प्रारंभिक बोली राशि ₹4,03,171 (चार लाख तीन हजार एक सौ इकहत्तर रुपये) तय की गई है।


नीलामी कब और कैसे होगी — प्रमुख जानकारी

आम इश्तिहार के अनुसार:

  • निविदा एवं नीलामी प्रक्रिया दिनांक 16 दिसंबर 2025, समय 12:00 बजे दोपहर से अंचल कार्यालय, बरकठा में संपन्न होगी।
  • यह प्रक्रिया वर्ष 2025-26 के सूर्यकुंड मेला 2026 (14 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026) की अवधि के लिए आयोजित की जा रही है।
  • इच्छुक प्रतिभागी नीलामी/डाक में भाग लेने हेतु अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड / पैन / मतदाता पहचान पत्र), प्रमाण पत्र एवं निर्धारित सुरक्षित जमा राशि के साथ उपस्थित होंगे।
  • जमा राशि बैंक ड्राफ्ट / RTGS / NEFT / नगद के माध्यम से दी जा सकती है, और असफल प्रतिभागियों की राशि नियमानुसार वापस कर दी जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नीलामी में भाग लेने वाले व्यक्तियों की वित्तीय स्थिति, पहचान सत्यापन, और नियम-शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।


सूर्यकुंड मेला — आस्था, पर्यटन और व्यापार का संगम

सूर्यकुंड का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। प्रति वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर यहाँ लगने वाला मेला झारखंड-बिहार-बंगाल-ओडिशा के लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
मेला परिसर में —

  • पूजा-अर्चना
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • स्नान-दर्शन
  • स्थानीय कला-हस्तशिल्प
  • व्यापार मेला
  • मनोरंजन झूले और फूड स्टॉल

का आयोजन होता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलता है।

मेला में हर वर्ष दुकानों और व्यावसायिक स्टॉल की भारी मांग रहती है। प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से चले इसलिए स्टॉल आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी प्रणाली से संपन्न की जाती है।


इश्तिहार की तालिका अनुसार प्लॉट विवरण

क्रम संख्या मेला का नाम गांव थाना खाता संख्या प्लॉट संख्या रकबा (एकड़) न्यूनतम सुरक्षित जमा राशि डाक की आवश्यक न्यूनतम राशि 01 सूर्यकुंड मेला 2026 सूर्यकुंड गोरहर 28 183, 185, 186, 190 5.17 एकड़ ₹2,68,709 ₹4,03,171


प्रशासन का कहना

अंचल अधिकारी, बरकठा की ओर से कहा गया कि—

“सूर्यकुंड मेला धार्मिक और आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। इस बार सभी व्यवस्था और सुविधाएँ बेहतर करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और निर्धारित नियम-शर्तों का पालन अनिवार्य है।”


व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में उत्साह

सूर्यकुंड मेला हर वर्ष स्थानीय व्यवसायियों और उद्यमियों के लिए कमाई का बड़ा अवसर बनता है।
इस बार नीलामी की आधिकारिक घोषणा होते ही—

  • मिठाई दुकानदार
  • वस्त्र व खिलौना व्यापारी
  • आभूषण व पूजा सामग्री विक्रेता
  • होटल-रेस्टोरेंट संचालक
  • झूला एवं मनोरंजन संचालक

आवेदन प्रक्रिया में भाग लेने की तैयारी में जुट गए हैं।

एक स्थानीय व्यवसायी ने कहा:

“सूर्यकुंड मेला सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि रोज़गार का साधन है। हम उम्मीद करते हैं कि मेला इस बार और भव्य होगा।”


सुरक्षा और प्रबंधन — नई योजनाएँ

  • महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हेतु विशेष पुलिस बूथ
  • पार्किंग और यातायात व्यवस्था के लिए अलग-अलग मार्ग
  • पेयजल, शौचालय, चिकित्सा शिविर और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था
  • CCTV निगरानी और ड्रोन कैमरा सर्वे की तैयारी

निष्कर्ष

सूर्यकुंड मेला 2026 की नीलामी प्रक्रिया शुरू होने से—

  • पर्यटन और धार्मिक गतिविधियाँ मजबूत होंगी
  • स्थानीय रोजगार और व्यापार में बढ़ोतरी होगी
  • सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी
  • और झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को नया विस्तार मिलेगा

प्रशासन का लक्ष्य इस मेला को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और यादगार बनाना है।


रिपोर्ट : HF News 24 डेस्क

First Breaking • Fast & Fearless Journalism https://chat.whatsapp.com/GPVSxk0fZqiBY2yKPTZsed?mode=ems_copy_t


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *