29वाँ वार्षिक युवा महोत्सव (Youth Festival) – “झूमर 2025”
✍️ Pankaj Hindustani | Editor-in-Chief | HF News 24
हजारीबाग : झारखंड के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग इन दिनों युवा ऊर्जा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र बना हुआ है। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हो रहा वार्षिक युवा महोत्सव छात्रों की प्रतिभा, सांस्कृतिक विविधता और कलात्मक अभिव्यक्ति का भव्य मंच बनकर उभरा है।
युवा महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता भर नहीं, बल्कि यह छात्रों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक चेतना को निखारने का अवसर है। विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राएँ इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जिससे पूरा परिसर उत्सवमय माहौल से सराबोर दिखाई दे रहा है।
कला और संस्कृति का जीवंत मंच
विनोबा भावे विश्वविद्यालय का यह युवा महोत्सव कला और संस्कृति के अनेक रंगों को एक मंच पर प्रस्तुत करता है। महोत्सव के दौरान—
- लोक एवं शास्त्रीय नृत्य
- समूह नृत्य एवं एकल नृत्य
- शास्त्रीय, सुगम एवं लोक संगीत
- नाटक, नुक्कड़ नाटक और माइम
- वाद-विवाद, भाषण और कविता पाठ
- रंगोली, चित्रकला और हस्तशिल्प
जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं।
छात्र अपनी प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक संदेश, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विषयों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

कॉलेजों से उमड़ा उत्साह
विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएँ कई दिनों की तैयारी के बाद इस महोत्सव में भाग ले रहे हैं।
रिहर्सल, ऑडिशन और चयन प्रक्रिया के बाद मंच पर पहुँचे प्रतिभागियों में जबरदस्त आत्मविश्वास और उत्साह देखने को मिल रहा है।
कई प्रतिभागियों ने बताया कि यह मंच उनके लिए—
- अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर
- बड़े मंच पर प्रदर्शन का अनुभव
- टीमवर्क और अनुशासन सीखने का माध्यम
- राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने की तैयारी
का आधार बनता है।
सोशल मीडिया पर भी छाया युवा महोत्सव
विनोबा भावे विश्वविद्यालय का युवा महोत्सव केवल परिसर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसकी जबरदस्त गूंज देखने को मिल रही है।
इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर—
- रंगारंग प्रस्तुतियों की रील्स
- नृत्य और नाटक की झलकियाँ
- मंच के पीछे की तैयारियाँ
- छात्रों की खुशी और उत्साह
तेजी से साझा की जा रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो यह दर्शाते हैं कि युवा महोत्सव किस तरह छात्रों के बीच उत्सव और गर्व का विषय बन चुका है।
राष्ट्रीय मंच तक पहुँचने की राह
युवा महोत्सव का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों का चयन कर उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के युवा महोत्सवों के लिए तैयार करना भी है।
गौरतलब है कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के छात्र पहले भी अंतर-विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय युवा महोत्सवों में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं और कई प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
इस वर्ष के महोत्सव में भी चयनित प्रतिभागियों से यही उम्मीद की जा रही है कि वे आगामी राष्ट्रीय मंचों पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे।
छात्रों की प्रतिक्रिया
महोत्सव में भाग ले रहे छात्रों का कहना है कि—
“युवा महोत्सव हमें पढ़ाई के साथ-साथ अपनी कला और आत्मविश्वास को पहचानने का मौका देता है। यहाँ मंच पर आकर डर खत्म होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।”
एक अन्य छात्र ने कहा—
“सोशल मीडिया पर जब हमारी प्रस्तुति साझा होती है, तो गर्व महसूस होता है। यह मंच हमें पहचान दिलाने का माध्यम बनता है।”
शिक्षकों और आयोजकों की भूमिका
युवा महोत्सव की सफलता में विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रशिक्षकों द्वारा छात्रों को तकनीकी, कलात्मक और प्रस्तुति से जुड़ा मार्गदर्शन दिया गया, जिससे प्रतियोगिताओं का स्तर काफी ऊँचा नजर आया।
आयोजन समिति ने मंच, ध्वनि, प्रकाश व्यवस्था और समय प्रबंधन को लेकर भी बेहतर व्यवस्था की, जिससे कार्यक्रम सुचारु रूप से संचालित हो सका।
महोत्सव का माहौल
पूरे विश्वविद्यालय परिसर में—
- ढोल-नगाड़ों की गूंज
- रंग-बिरंगे परिधान
- मंच पर तालियों की गड़गड़ाहट
- छात्रों के चेहरों पर आत्मविश्वास
एक अलग ही ऊर्जा देखने को मिल रही है।
महोत्सव ने परिसर को संस्कृति और उत्साह के जीवंत रंगों से भर दिया है।

युवा महोत्सव का व्यापक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे युवा महोत्सव—
- छात्रों को मानसिक तनाव से राहत देते हैं
- रचनात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं
- नेतृत्व और संवाद कौशल विकसित करते हैं
- सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में यह मंच छात्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
HF News 24 विश्लेषण
विनोबा भावे विश्वविद्यालय का युवा महोत्सव यह साबित करता है कि उच्च शिक्षा संस्थान केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे छात्रों की कला, संस्कृति और व्यक्तित्व विकास की प्रयोगशाला भी हैं।
सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रिया और छात्रों की सक्रिय भागीदारी से स्पष्ट है कि यह महोत्सव आने वाले समय में और अधिक व्यापक स्वरूप ले सकता है।
निष्कर्ष
विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में आयोजित युवा महोत्सव ने यह सिद्ध कर दिया है कि युवा शक्ति, जब मंच पाती है, तो संस्कृति जीवंत हो उठती है।
यह आयोजन न केवल छात्रों की प्रतिभा को उजागर कर रहा है, बल्कि विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊँचाई दे रहा है।
आने वाले दिनों में इस महोत्सव से निकली प्रतिभाएँ निश्चित रूप से राज्य और देश स्तर पर अपनी छाप छोड़ेंगी।
रिपोर्ट — HF News 24 डेस्क
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