स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर युवाओं को चलने का आह्वान
हजारीबाग: रविवार की संध्या हजारीबाग के सामाजिक एवं बौद्धिक वातावरण के लिए प्रेरणादायी रही, जब हजारीबाग विवेकानंद युवा महामंडल की वार्षिक बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। संध्या 5 बजे से 7 बजे तक चले इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों एवं युवाओं की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। बैठक के दौरान स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचार एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित एक विशेष संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित युवाओं को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व एवं उनके संदेशों को आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि युवाशक्ति के प्रतीक थे। उनके विचार आज भी समाज को जागृत करने और राष्ट्र को सशक्त बनाने की प्रेरणा देते हैं।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए संत कोलंबा महाविद्यालय के दर्शन शास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजकुमार चौबे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दर्शन आत्मविश्वास, मानवता और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम है। उन्होंने युवाओं से विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
वहीं अन्नदा विद्यालय के शिक्षक डॉ. साकेत पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण की सबसे अधिक आवश्यकता है, और स्वामी विवेकानंद के विचार इस दिशा में मार्गदर्शक सिद्ध हो सकते हैं।
रेलवे के सेक्शन इंजीनियर उमेश कुमार ने युवाओं को अनुशासन एवं कर्मठता का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं की सोच और कार्यशैली पर निर्भर करती है। वरिष्ठ सदस्य अनूप सिन्हा, गजानंद पाठक एवं अधिवक्ता अजय मिश्रा ने भी अपने विचार रखते हुए संगठन की सामाजिक भूमिका एवं युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
बैठक के दौरान संगठन के पिछले एक वर्ष 2025-26 के कार्यों एवं गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन सचिव अंकित कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं कोषाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार यादव ने आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत कर संगठन की पारदर्शी कार्यशैली को सामने रखा। उपस्थित सदस्यों ने संगठन द्वारा वर्षभर किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की।
इसके बाद आगामी सत्र 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। संगठन के अध्यक्ष पद के लिए गजानंद पाठक को चुना गया, जबकि सचिव पद की जिम्मेदारी डॉ. साकेत पाठक को सौंपी गई। कोषाध्यक्ष पद पर पुनः सुरेंद्र कुमार को सर्वसम्मति से चयनित किया गया। साथ ही कार्यकारिणी समिति के लिए 10 सदस्यों का चयन किया गया, जो आगामी वर्ष में संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।
बैठक में अगले वर्ष आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों, युवा जागरूकता अभियान, सामाजिक सेवा कार्यों एवं नए प्रस्तावों पर भी गंभीर चर्चा की गई। उपस्थित युवाओं ने संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का वातावरण पूरे समय उत्साह, ऊर्जा एवं सकारात्मक विचारों से ओत-प्रोत रहा। बैठक में बड़ी संख्या में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कुल 32 सदस्यों एवं प्रतिभागियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिसने यह साबित किया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के हृदय में जीवंत हैं और समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।










