झारखंड की पहली खोरठा कॉमेडी सीरीज “हांइस गलहीं की” मचाएगा फिर हंसी का तूफान
🖋️पंकज हिंदुस्तानी, फिल्म समीक्षक
कोडरमा/झारखंड: झारखंडी मनोरंजन जगत के लिए एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। एक समय गांव-गांव, गली-मोहल्लों और हर परिवार की पहली पसंद बनी झारखंड की पहली खोरठा कॉमेडी सीरीज “हांइस गलहीं की” अब पूरे 20 साल बाद फिर से वापसी कर रही है।
इस खबर ने पुराने दर्शकों की यादें ताजा कर दी हैं, वहीं नई पीढ़ी के बीच भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। झारखंड की पहली सुपरहिट खोरठा कॉमेडी सीरीज मानी जाने वाली “हांइस गलहीं की” की शूटिंग दोबारा शुरू हो चुकी है और इसे लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता बनी हुई है।
क्यों खास है “हांइस गलहीं की”?
निर्देशक, निर्माता और अभिनेता प्रभाकर पाण्डेय द्वारा बनाई गई “हांइस गलहीं की” सिर्फ एक कॉमेडी सीरीज नहीं, बल्कि झारखंड की मिट्टी, गांव की संस्कृति, देसी बोली और पारिवारिक मनोरंजन की पहचान रही है।
एक दौर ऐसा था जब इस सीरीज का नाम सुनते ही लोग टीवी के सामने जमा हो जाते थे। गांव की सादगी, देसी अंदाज, घरेलू नोकझोंक और जोरदार हास्य ने इसे लोगों के दिलों तक पहुंचा दिया था।

इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें बिना फूहड़ता के साफ-सुथरी कॉमेडी दिखाई गई, जिसे परिवार के सभी लोग साथ बैठकर देखते थे। इसके संवाद और किरदार इतने लोकप्रिय हुए कि लोग वर्षों तक उन्हें याद करते रहे।
“हांइस गलहीं की” ने उस समय खोरठा भाषा और झारखंडी मनोरंजन को नई पहचान दी, जब क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों और सीरीज को ज्यादा मंच नहीं मिलता था। यही वजह है कि इसे झारखंड की सबसे यादगार और ऐतिहासिक कॉमेडी सीरीज माना जाता है।
अब 20 साल बाद इसकी वापसी को झारखंडी मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा कमबैक कहा जा रहा है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह सीरीज फिर से वही पुराना जादू चलाएगी और हंसी का नया इतिहास रचेगी।
कौन हैं प्रभाकर पाण्डेय?

प्रभाकर पाण्डेय झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर निवासी हैं। बचपन से ही उन्हें अभिनय और रंगमंच से गहरा लगाव रहा। गांव के छोटे मंच से शुरू हुआ उनका सफर आज मुंबई की चमकती दुनिया तक पहुंच चुका है।
उन्होंने अपने गांव में नाटक और ड्रामा से अभिनय की शुरुआत की, फिर पटना में थिएटर किया और बाद में अपने सपनों को लेकर मुंबई पहुंच गए। संघर्षों से भरे सफर के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के दम पर टीवी, फिल्म, वेब सीरीज और विज्ञापन जगत में मजबूत पहचान बनाई।
साल 2006 में प्रभाकर पाण्डेय ने “हांइस गलहीं की” बनाकर झारखंडी मनोरंजन जगत में नई क्रांति ला दी। इस सीरीज की सफलता ने उन्हें खोरठा दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में बनाई अलग पहचान
मुंबई में संघर्ष के बाद प्रभाकर पाण्डेय ने कई चर्चित फिल्मों, टीवी सीरियलों और वेब सीरीज में काम किया।
उन्होंने फिल्मों “26/11”, “मैरी कॉम”, “उंगली”, “बैंक चोर” और चर्चित फिल्म “भगवान भरोसे” में अभिनय किया है।
वहीं वेब सीरीज “Memories”, “Black Warrant” और “Adrishyam” में भी अपनी शानदार अभिनय क्षमता दिखाई।
टीवी इंडस्ट्री में उन्होंने “CID”, “क्राइम पेट्रोल”, “सावधान इंडिया”, “ये है मोहब्बतें”, “नागिन 3”, “ससुराल सिमर का”, “अदालत”, “उड़ान” समेत 200 से अधिक धारावाहिकों में अभिनय किया है।
इतना ही नहीं, उन्हें महानायक अमिताभ बच्चन के साथ स्वच्छ भारत अभियान विज्ञापन फिल्म में काम करने का मौका भी मिला। इसके अलावा उन्होंने Amazon, PhonePe, Gillette समेत कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में भी अभिनय किया।

फिर लौटे अपनी मिट्टी और भाषा के लिए
लंबे समय तक मुंबई में काम करने के बाद अब प्रभाकर पाण्डेय एक बार फिर अपनी मिट्टी, अपनी भाषा और अपने दर्शकों के बीच लौटे हैं।
उनका कहना है कि “हांइस गलहीं की” सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि झारखंड की संस्कृति और भावनाओं से जुड़ा एक सपना है। वे चाहते हैं कि खोरठा भाषा और झारखंडी कला को देशभर में नई पहचान मिले।
उन्होंने दर्शकों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह वर्षों पहले लोगों ने “हांइस गलहीं की” को प्यार और आशीर्वाद दिया था, उसी तरह इस बार भी वे अपना समर्थन दें और ज्यादा से ज्यादा शेयर कर झारखंडी कला को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
दर्शकों में जबरदस्त उत्साह
“हांइस गलहीं की” की वापसी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया और झारखंडी दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पुराने दर्शक इसे अपने बचपन और पुराने सुनहरे दिनों की याद बता रहे हैं, जबकि नई पीढ़ी इसे देखने के लिए बेहद उत्साहित नजर आ रही है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 20 साल बाद लौट रही यह ऐतिहासिक खोरठा कॉमेडी सीरीज एक बार फिर झारखंड में हंसी और मनोरंजन का नया इतिहास कैसे रचती है।




